
फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 जसकीरत सिंह रंगी की जीवन कहानी बयां करती है। यह ‘धुरंधर’ सीरीज की दूसरी कड़ी है, जिसमें रणवीर सिंह ने जसकीरत और हमजा अली मजारी की भूमिका में शानदार एक्टिंग की है। अभिनेता एक स्पाई की भूमिका निभाते हैं, जो जेल पहुंच जाता है और बाद में एक खतरनाक मिशन के लिए चुना जाता है, जिसमें उसे एक भारतीय जासूस के रूप में पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी शिविरों में घुसपैठ करनी होती है। ‘धुरंधर’ 5 दिसंबर, 2025 को रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर 1350 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। वहीं, इसकी अगली कड़ी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ कल पांच भाषाओं में रिलीज हुई। तो चलिए, रणवीर सिंह के किरदार को समझते हैं और फिल्म की कहानी और अंत को जानते हैं।
जसकिरत सिंह रंगी की कहानी
जब जसकीरत 21 साल के थे, तब वे भारतीय सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे थे। उनका परिवार पठानकोट में रहता था। उनके पिता सेना अधिकारी थे और परिवार में उनकी मां, पिता और दो बहनें थीं। बकाया राशि न चुकाने के कारण जसकीरत के पिता की हत्या कर दी गई। उनकी एक बहन के साथ क्रूर दुर्व्यवहार किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई, जबकि दूसरी बहन के साथ बलात्कार किया गया, लेकिन किसी तरह उसकी जान बच गई। यह सब जमीन और धन विवाद के कारण हुआ। इस घटना के आरोपी एक विधायक के परिवार से थे, परिणामस्वरूप, उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। जसकिरत का न्याय व्यवस्था पर से विश्वास उठ गया और उन्होंने स्वयं बदला लेने का निश्चय किया।
जेल से रॉ तक का सफर
एक दोस्त की मदद से उसने हथियार जुटाए। एक रात उसने विधायक के आवास पर हमला किया और 12 लोगों को मार डाला। इस तरह वह एक साधारण युवक से एक खतरनाक व्यक्ति में बदल गया। अपने इस प्रतिशोध के बाद उसे गिरफ्तार किया गया, उस पर मुकदमा चला और उसे मौत की सजा सुनाई गई। इसी समय उसकी मुलाकात आर माधवन द्वारा अभिनीत रॉ अधिकारी अजय सान्याल से हुई। दोनों ने मिलकर उसे जेल से छुड़ाने की योजना बनाई। अजय ने उसे ‘ऑपरेशन धुरंधर’ का नेतृत्व करने के लिए चुना।
हमजा का जन्म कैसे हुआ?
जेल से रिहा होने के बाद जसकीरत ने कड़ी ट्रेनिंग लिया। उसे एक नई पहचान दी गई और उसने हमजा अली मजारी नाम अपना लिया। यहीं से पहली फिल्म ‘धुरंधर’ की कहानी शुरू होती है, जिसमें पाकिस्तान के भीतर उसकी जासूसी गतिविधियों का वर्णन है। रणवीर सिंह ने फिल्म में शानदार अभिनय किया है, जिससे दर्शक जसकिरत की पीड़ा को गहराई से महसूस कर पाते हैं। धुरंधर: द रिवेंज प्रतिशोध, पारिवारिक त्रासदी और राष्ट्र के लिए बलिदान की गाथा है।
हमजा के किरदार का अंत क्या होता है?
धुरंधर: द रिवेंज के अंत में, हमजा अपनी पत्नी यालीना और बेटे ज़ायन को पीछे छोड़कर सुरक्षित भारत लौट आता है। जसकिरत के रूप में अपनी असली पहचान में लौटकर, जासूस दिल्ली से पठानकोट अपनी मां से मिलने जाता है। वह अपनी मां, बहन और दो बच्चों को अपने जीवन में बसे हुए देखता है और फूट-फूटकर रोता है। हालांकि, उसे जासूसी प्रशिक्षण के दौरान कहे गए पहले कुछ शब्द याद आते हैं, ‘बलिदान परमो धर्म’ और वह उनसे मिले बिना ही वापस लौट जाता है। वह उनके लिए बहुत पहले ही मर चुका था। आखिरी कुछ पलों में, जसकिरत को सैन्य शिविर में अपना प्रशिक्षण फिर से शुरू करते हुए दिखाया गया है।
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पहले ही दिन 150 करोड़ पार, धुरंधर 2 की दहाड़ से कांपा बॉक्स ऑफिस, टूटने वाले हैं सारे रिकॉर्ड
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