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‘लापता लेडीज’ की तरह ही इस साल भी Oscar में भारत की एंट्री निकली कॉपी पेस्ट

‘लापता लेडीज’ की तरह ही इस साल भी Oscar में भारत की एंट्री निकली कॉपी पेस्ट

Image Source : MAYUKHAPATEL/INSTAGRAM
होमबाउंड वर्सेज दिहाड़ी।

भारतीय सिनेमा में मौलिकता बनाम प्रेरणा की बहस हमेशा से रही हैं। अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि कई फिल्म मेकर्स कहानियां चुरा लेते हैं, कई बार वो इसे प्रेरणा का नाम देते हैं तो कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि वो मूल फिल्म को कोई क्रेडिट नहीं देते। पहले ये बहस लोगों के बीच नहीं आ पाती थी, लेकिन अब सोशल मीडिया के दौर में सब कुछ लोगों के सामने आ जाता है। नेटिजन्स मिलते-जुलते सीन खोज निकालते हैं। बीते साल ऑस्कर में पहुंची फिल्म ‘लापता लेडीज’ पर भी चोरी का आरोप लगा था, अब इस कॉपी-पेस्ट के आरोप से इस साल की ऑस्कर एंट्री भी अछूती नहीं रही है। इस बार ‘होमबाउंड’ भारत की आधिकारिक एंट्री थी, लेकिन नॉमिनेशन तक पहुंचने की रेस में ही बाहर हो गई। अब इस फिल्म को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं और लोगों के सामने वो फिल्म आ गई है, जिससे इसके सीन हू-ब-हू मेल खाते हैं।

मेकर्स ने उठाए सवाल

हाल ही में फिल्म ‘दिहाड़ी’ के निर्देशक मायुखा पटेल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर करण जौहर के प्रोडक्शन में बनी ‘होमबाउंड’ (2025) के साथ अपनी फिल्म की चौंकाने वाली समानताएं दिखाई हैं। मायुखा का दावा है कि 2021 में महज 12 दिनों में बनी उनकी फिल्म और इशान खट्टर-जाह्नवी कपूर स्टारर ‘होमबाउंड’ के कई दृश्य बिल्कुल एक जैसे हैं। मायुखा का सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो गया है। रेडिट से लेकर ट्विटर और इंस्टाग्राम पर इसने बहस छेड़ दी है और लोग भर-भर कर कमेंट सेक्शन में अपने रिएक्शन साझा कर रहे हैं और करण जौहर को फटकार लगा रहे हैं।

‘दिहाड़ी’ के मेकर्स ने दिखाईं सामानताएं

‘दिहाड़ी’ के निर्देशक मायुखा पटेल ने एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने दोनों ही फिल्मों की समानताओं को दिखाया। दोनों ही फिल्मों में कई सीन बिल्कुल एक जैसे ही हैं, जिसे मायुखा ने एक वीडियो के जरिए रेखांकित और बताया कि उनकी फिल्म साल 2021 में ही रिलीज हुई थी और वहीं करण जोहर के प्रोडक्शन में बनी ‘होमबाउंड’ 2025 में रिलीज हुई है। उन्होंने वीडियो साझा करते हुए कैप्शन में लिखा, ‘सिर्फ एक कैमरा, 2 निर्देशक, एक्टर्स और एक डीओपी के साथ 1 घंटे 27 मिनट लंबी पूरी फिल्म सिर्फ 12 दिनों में शूट की गई, वो भी जनवरी 2021 में, ज्यादातर प्रवासी रोज काम करने वाले मजदूर होते हैं। इसलिए ही हमने अपनी फिल्म का नाम दिहाड़ी रखा था। होमबाउंड सितंबर 2025 में भारत में रिलीज हुई, लेकिन हमने ये फिल्म अभी कुछ दिनों पहले ही देखी है और दोनों में बहत ज्यादा सामानताएं हैं। हमरा मकसद किसी को बेइज्जत करना नहीं है और न ही हम मेकर्स के खिलाफ कोई कार्वाई कर रहे हैं। ये रील सिर्फ लोगों को छोटे बजट की फिल्मों के बारे में जागरूक करने के लिए बनाई गई है।’

यहां देखें पोस्ट

क्या है होमबाउंड की कहानी?

नीरज घायवान द्वारा निर्देशित फिल्म ‘होमबाउंड’ (2025) साल 2020 के कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के पलायन और उनके गहरे संघर्षों की एक मार्मिक दास्तां है। न्यूयॉर्क टाइम्स के चर्चित लेख ‘टेकिंग अमृत होम’ पर आधारित यह फिल्म उत्तर भारत के एक छोटे से गांव के दो बचपन के दोस्तों की कहानी बुनती है। ये दोनों दोस्त पुलिस की नौकरी पाने का सपना देखते हैं, जो उन्हें समाज में वह सम्मान और गरिमा दिला सके जिससे वे लंबे समय तक वंचित रहे हैं। हालांकि जैसे-जैसे वे अपने लक्ष्य के करीब पहुंचते हैं, बढ़ती हताशा और विपरीत परिस्थितियां उनके बीच के अटूट बंधन को खतरे में डाल देती हैं। अपनी प्रभावशाली कहानी के कारण ‘होमबाउंड’ को IMDb पर 7.9 की रेटिंग मिली है और इसे ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि होने का गौरव भी प्राप्त हुआ है। मानवीय संवेदनाओं और सच्चाई को बखूबी दर्शाने वाली यह फिल्म वर्तमान में नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है, जहां इसे समीक्षकों और दर्शकों की खूब सराहना मिल रही है। इस फिल्म में इशान खट्टर, जाह्नवी कपूर और विशाल जेठवा लीड रोल में थे।

क्या है दिहाड़ी की कहानी?

फिल्म ‘दिहाड़ी: वॉकिंग बैक टू होम’ एक प्रवासी मजदूर के गहरे संघर्ष और मानवीय संवेदनाओं की कहानी है। ‘दिहाड़ी’ शब्द उन मेहनतकश मजदूरों का प्रतीक है जो रोज कमाते और खाते हैं। यह फिल्म विशेष रूप से उस मार्मिक दौर को चित्रित करती है जब कोविड-19 के कारण लगे राष्ट्रीय लॉकडाउन ने हजारों प्रवासी श्रमिकों को सड़कों पर आने के लिए मजबूर कर दिया था। कहानी का मुख्य केंद्र एक मजदूर है, जो घर वापसी के रास्ते में फंस जाता है। अपनी पत्नी से मिलने की चाह में उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते हुए वह किन मानसिक और शारीरिक बाधाओं को पार करता है, यही इस फिल्म का सार है। मायुखा पटेल और निधि पटेल द्वारा निर्देशित इस फिल्म को IMDb पर 9.2 की शानदार रेटिंग प्राप्त है, जो इसकी गुणवत्ता का प्रमाण है। वैभव भट्ट, भगवद् नायक और प्रतीक सोनी के बेहतरीन अभिनय से सजी यह फिल्म वर्तमान में यूट्यूब पर मुफ्त में उपलब्ध है। हालांकि, इतनी उच्च रेटिंग और संवेदनशील विषय के बावजूद, अब तक इसे मात्र 4 हजार व्यूज ही मिल पाए हैं।

लापता लेडीज पर भी लगे आरोप

‘लापता लेडीज’ भी बीते साल भारत की तरफ से 97वें ऑस्कर एकेडमी अवॉर्ड में आधिकारिक एंट्री थी। इस फिल्म के मेकर्स पर भी चोरी का आरोप लगा था, सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘लापता लेडीज’ के कुछ दृश्यों की तुलना ‘बुर्का सिटी’ से की और इसे कॉपी-पेस्ट बताया, जिसमें घूंघट के दृश्य शामिल थे। ‘लापता लेडीज’ के लेखक बिप्लब गोस्वामी ने इन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया और अपनी मूल पटकथा के दस्तावेज प्रस्तुत किए। बता दें, ‘बुर्का सिटी’ अरबी फिल्म थी, जिसकी कहानी भी बुर्के के चलते पत्नी के खो जाने के इर्द-गिर्द घूमती है।

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