
सलीम खान।
भारतीय सिनेमा के दिग्गज पटकथा लेखक और मशहूर ‘सलीम-जावेद’ जोड़ी के स्तंभ सलीम खान के प्रशंसकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लगभग एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद 90 वर्षीय लेखक को मंगलवार 17 मार्च 2026 को मुंबई के लीलावती अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। पिछले महीने माइनर ब्रेन हेमरेज की शिकायत के बाद उन्हें आनन-फानन की स्थिति में भर्ती कराया गया था। छोटे प्रोसीजर के बाद उन्हें डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया था। इस दौरान उनका पूरा परिवार उनके साथ था।
सलीम खान की सफल रिकवरी और डिस्चार्ज
लीलावती अस्पताल के सूत्रों और पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार सलीम खान के स्वास्थ्य में अब काफी सुधार है और मंगलवार को उनके डिस्चार्ज की औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं। 17 फरवरी को उन्हें बांद्रा स्थित अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था। शुरुआती जांच में डॉक्टरों ने पुष्टि की थी कि उन्हें ‘मिनिमल ब्रेन हैमरेज’ हुआ था। एहतियात के तौर पर उन्हें कुछ समय के लिए वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया था, ताकि उनके महत्वपूर्ण अंगों की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सके। अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी साझा की थी कि सलीम खान की स्थिति को संभालने के लिए डीएसए नामक एक विशेष प्रक्रिया अपनाई गई थी। राहत की बात यह रही कि उन्हें किसी भी प्रकार की बड़ी सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ी और वे उपचार के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे थे। डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम जिसमें न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन शामिल थे, लगातार उनकी निगरानी कर रही थी।
परिवार और शुभचिंतकों का साथ
अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान सलीम खान का पूरा परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा। उनके बेटे सलमान खान, अरबाज खान, बेटियां अलविरा और अर्पिता के साथ-साथ उनके दामाद अतुल अग्निहोत्री और आयुष शर्मा नियमित रूप से अस्पताल जाकर उनके स्वास्थ्य का जायजा लेते रहे। केवल परिवार ही नहीं, बल्कि उनके पुराने साथी और दिग्गज लेखक जावेद अख्तर ने भी अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। डॉक्टरों ने बताया कि 90 वर्ष की आयु में भी सलीम खान शारीरिक रूप से काफी फिट हैं, जिससे उन्हें इस गंभीर स्थिति से उबरने में काफी मदद मिली।
पटकथा लेखन के बेताज बादशाह
सलीम खान का नाम भारतीय सिनेमा के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। इंदौर के एक समृद्ध परिवार से ताल्लुक रखने वाले सलीम खान अपनी आंखों में अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई आए थे। शुरुआती संघर्ष के बाद उनकी मुलाकात जावेद अख्तर से हुई और यहीं से हिंदी सिनेमा की सबसे सफल लेखक जोड़ी ‘सलीम-जावेद’ का जन्म हुआ। इस जोड़ी ने ‘शोले’, ‘दीवार’, ‘जंजीर’ और ‘डॉन’ जैसी कालजयी फिल्में लिखकर पटकथा लेखन की परिभाषा ही बदल दी। उन्होंने ‘त्रिशूल’, ‘सीता और गीता’, ‘हाथी मेरे साथी’, ‘यादों की बारात’ और ‘मिस्टर इंडिया’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के जरिए दर्शकों को ‘एंग्री यंग मैन’ जैसा प्रतिष्ठित किरदार दिया। लगभग दो दर्जन फिल्मों में साथ काम करने वाली इस जोड़ी की लेखनी आज भी नए लेखकों के लिए एक पाठशाला की तरह है। सलीम खान का अस्पताल से सुरक्षित घर लौटना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि करोड़ों सिनेमा प्रेमियों के लिए भी खुशी का अवसर है।
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