
रश्मिका मंदाना और उनकी बहन।
उदयपुर के शाही आंगन में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना (प्यार से ‘विरोष’) की शादी की शहनाइयां गूंज उठी हैं। जहां दुनिया इस पावर कपल की पहली आधिकारिक तस्वीर का पलकें बिछाकर इंतजार कर रही है, वहीं इस शादी ने रश्मिका के उस परिवार को भी सुर्खियों में ला दिया है जो अक्सर लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करता है। इस जश्न के बीच सबसे ज्यादा चर्चा रश्मिका की छोटी बहन, शिमन मंदाना की हो रही है, जिनका रश्मिका के जीवन में एक बेहद खास और भावुक स्थान है।
रश्मिका और शिमन का रिश्ता
‘गीता गोविंदम’ के सेट से शुरू हुई विजय और रश्मिका की प्रेम कहानी आज विवाह के मुकाम तक पहुंच चुकी है, लेकिन रश्मिका के दिल का एक बड़ा हिस्सा हमेशा अपनी बहन शिमन के लिए धड़कता है। शिमन, रश्मिका से उम्र में पूरे 16 साल छोटी हैं। रश्मिका जहां 29 वर्ष की हैं, वहीं शिमन अभी अपनी किशोरावस्था (14 वर्ष) में हैं। उम्र के इस लंबे फासले ने रश्मिका के भीतर एक बहन से ज्यादा ‘मां’ वाली ममता भर दी है। रश्मिका अक्सर कहती हैं कि वे शिमन को अपनी छोटी बहन नहीं, बल्कि अपनी बेटी की तरह मानती हैं।
कामयाबी की कीमत और अधूरा साथ
पैन इंडिया स्टार बनने का सफर रश्मिका के लिए भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण भी रहा है। साल 2025 में दिए एक इंटरव्यू में रश्मिका का दर्द छलक पड़ा था जब उन्होंने बताया कि काम की व्यस्तता के कारण वे अपनी बहन को बड़ा होते नहीं देख पाईं। उन्होंने भावुक होकर कहा था, ‘पिछले आठ सालों में मैंने उसे बढ़ते हुए मिस कर दिया है। जब मैं घर जाती हूं और उसे अपनी लंबाई के बराबर खड़ा देखती हूं तो मेरी आंखों में आंसू आ जाते हैं। मुझे दुख होता है कि मैं उसके बचपन के उन छोटे-बड़े पलों का हिस्सा नहीं बन सकी।’ अप्रैल 2024 में रश्मिका ने अपनी “गुड़िया” (शिमन) के लिए एक इमोशनल पोस्ट में लिखा था कि वे चाहती हैं कि उनकी बहन एक ऐसी स्वाभिमानी और सशक्त महिला बने, जिसका पूरा संसार सम्मान करे।
कैसा है रश्मिका मंदाना का परिवार?
रश्मिका का परिवार सादगी और मेहनत की मिसाल है। उनके पिता, मदन मंदाना, कर्नाटक के कुर्ग क्षेत्र में एक समृद्ध कॉफी बागान और एक आलीशान फंक्शन हॉल के मालिक हैं। उनकी माँ, सुमन मंदाना, एक गृहिणी हैं जिन्होंने रश्मिका के करियर के सबसे कठिन दौर में उनकी ढाल बनकर उनका साथ दिया। अक्सर स्टार्स के भाई-बहन भी ग्लैमर की दुनिया में खिंचे चले आते हैं, लेकिन मंदाना परिवार की सोच अलग है। रश्मिका के माता-पिता शिमन के लिए एक बिल्कुल सामान्य बचपन चाहते हैं। वे नहीं चाहते कि रश्मिका की वैश्विक लोकप्रियता का साया शिमन की पढ़ाई या उनके व्यक्तित्व पर पड़े। रश्मिका खुद भी मानती हैं कि शिमन का एक सामान्य और शांत वातावरण में पलना-बढ़ना उसे एक बेहतर इंसान बनाने में मदद करेगा। यही कारण है कि शिमन के बारे में इंटरनेट पर बहुत कम जानकारी उपलब्ध है।
‘विरोश’ के नए सफर में परिवार की खुशी
आज जब रश्मिका ने विजय देवरकोंडा के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की है तो शिमन और उनके माता-पिता के लिए यह सबसे खुशी का मौका है। विजय और रश्मिका का रिश्ता केवल दो सितारों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों के जुड़ाव की कहानी है। रश्मिका की माँ सुमन, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत रही हैं, आज अपनी बेटी को दुल्हन के लिबास में देख निहाल हैं।
ये भी पढ़ें: कैसे होती है तेलुगु और कोडागु शादी? दो रीति-रिवाजों से एक हो रहे रश्मिका-विजय, दोनों में जमीन-आसमान का अंतर
Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt
This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited



