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क्या शनाया कपूर और आदर्श गौरव की ‘तू या मैं’ है रीमेक? 8 साल बाद लौटी वही कहानी

क्या शनाया कपूर और आदर्श गौरव की ‘तू या मैं’ है रीमेक? 8 साल बाद लौटी वही कहानी

Image Source : INSTAGRAM/@SHANAYAKAPOOR02
शनाया कपूर और आदर्श गौरव

आदर्श गौरव और शनाया कपूर की ‘तू या मैं’ 13 फरवरी को बड़े पर्दे पर एक नई लव स्टोरी लेकर आ गए हैं। बिजॉय नांबियार की डायरेक्ट की हुई यह सर्वाइवल ड्रामा शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की ओ रोमियो से क्लैश करेगी, जो विशाल भारद्वाज की क्लासिक रोमांटिक ड्रामा है। ‘तू या मैं’ को दर्शकों से मिले-जुले रिव्यू मिल रहे हैं। हालांकि यह सर्वाइवल ड्रामा फ्रेश और मुंबई के माहौल पर बेस्ड लगती है, जो एक थाई हॉरर फिल्म से इंस्पायर्ड है। शनाया कपूर और आदर्श गौरव की फिल्म ‘तू या मैं’ को लेकर चल रही रीमेक की खबरें सच हैं।

तू या मैं फिल्म द पूल का है रीमेक

शनाया कपूर और आदर्श गौरव की ‘तू या मैं’ थाई सर्वाइवल थ्रिलर हॉरर फिल्म ‘द पूल’ की हिंदी रीमेक है, जो 2018 में रिलीज हुई थी। ‘तू या मैं’ की प्रोडक्शन वैल्यू द पूल से बेहतर और ज्यादा पॉलिश्ड है, जहां थाई मूवी का ट्रेलर आखिरी पलों में मगरमच्छ को दिखाता है। वहीं हिंदी कट में हीरो के भयानक हालात से जूझने को दिखाया गया है। इसके किरदार और कहानी द पूल से बेहतर है। शनाया कपूर की फिल्म ज्यादा क्लॉस्ट्रोफोबिक माहौल देता है, जिसका बैकग्राउंड स्कोर पर ज्यादा असर पड़ता है क्योंकि हिंदी वर्शन रीमेक है। इसलिए शनाया का वह सीन, जहां उसे पता चलता है कि पानी का लेवल कम हो रहा है। वो ओरिजिनल जैसा ही है।

तू या मैं और द पूल की कहानी

सिचुएशन: दोनों फिल्मों में हीरो और हीरोइन एक गहरे, खाली स्विमिंग पूल के नीचे फंस जाते हैं, जिसकी दीवारों पर चढ़ना नामुमकिन है।

द प्रिडेटर: एक बड़ा, खतरनाक मगरमच्छ उनके साथ पूल में आ जाता है, जिससे बचने की लड़ाई ज़िंदा रहने की लड़ाई में बदल जाती है।

ड्रेनेज: दोनों फिल्मों में एक मुख्य टेंशन पॉइंट पूल का पानी का लेवल और ड्रेनेज/यूटिलिटी सिस्टम का मैकेनिकल फेलियर है।

एक्सीडेंट: थाई ओरिजिनल की तरह ही, किरदार कई बुरी घटनाओं/ध्यान भटकने की वजह से पूल में आ जाते हैं। हालांकि, हिंदी वर्शन में इसे एक रोड ट्रिप के गलत होने के इर्द-गिर्द दिखाया गया है।

चोट: दोनों फिल्मों में टेंशन का एक बड़ा हिस्सा किसी एक किरदार के घायल होने या शारीरिक रूप से कमजोर होने से आता है, जिससे बचना और भी मुश्किल हो जाता है।

मुश्किलों में फंसा कपल: दोनों फिल्मों में ऐसे पल हैं, जब मदद लगभग मिल ही जाती है, लेकिन किरदार वहीं अटके रहते हैं।

खास अंतर (इंडियन ट्विस्ट)

हालांकि, पूल वाला हिस्सा वही है, लेकिन हिंदी वर्शन में सेटअप बदल गया है। खास बात यह है कि दोनों फिल्म में मगरमच्छ है।

किरदार: थाई ओरिजिनल एक फिल्म क्रू मेंबर के बारे में है; हिंदी वर्शन में Gen-Z इन्फ्लुएंसर हैं।

पेस: ओरिजिनल 90 मिनट की एक सिंपल थ्रिलर है। तू या मैं लगभग 145–150 मिनट की फिल्म है, क्योंकि इसका पहला हिस्सा पूल तक पहुंचने से पहले ही एक रोमांटिक बैक-स्टोरी दिखाता है।

सोशल एंगल: हिंदी फिल्म में एक “क्लास डिवाइड” थीम जोड़ी गई है जो थाई फिल्म का फोकस नहीं था।

शनाया कपूर ने क्यों नहीं देखी ‘द पूल’

बॉलीवुड हंगामा को दिए एक इंटरव्यू में शनाया ने बताया कि उन्होंने ‘तू या मैं’ की शूटिंग से पहले थाई फिल्म नहीं देखी थी। एक्ट्रेस ने कहा कि वह सीन को बिना किसी पहले से बनी सोच के दिखाना चाहती थीं, जो कुछ ऐसा ही देखने से आता है।

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