
मनीषा कोइराला।
बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में रिश्तों की सच्चाई अक्सर धुंधली सी रह जाती है। बहुत कम सितारे होते हैं जो अपने टूटे रिश्तों या मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात करते हैं और जब करते हैं तो वो केवल उनके फैन नहीं बल्कि तमाम और लोगों के दिलों को भी छू लेते हैं। ऐसी ही एक साहसी और बेबाक अभिनेत्री हैं मनीषा कोइराला, जो 90 के दशक की सबसे खूबसूरत और सफल अभिनेत्रियों में शुमार रहीं। शानदार अभिनय से लोगों का दिल जीतने वाली हसीना की पर्सनल लाइफ जरा भी आसान नहीं रही और उन्हें काफी मुश्किलों से गुजरना पड़ा। शादीशुदा जिंदगी में तकलीफ झेलने वाली एक्ट्रेस को हेल्थ ईशूज का भी सामना करना पड़ा।
सफल करियर और फिल्मी सफर
‘सौदागर’, ‘1942: ए लव स्टोरी’, ‘बॉम्बे’, ‘गुप्त’, ‘खामोशी’ और ‘अकेले हम अकेले तुम’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने वाली मनीषा ने अपने फिल्मी करियर में ऊंचाइयों को छुआ। उनकी गहराई से भरी आंखें और संजीदा अभिनय ने उन्हें अलग पहचान दी। लेकिन रील लाइफ की चमक के पीछे, रियल लाइफ में मनीषा ने कई उतार-चढ़ाव देखे। मनीषा की निजी जिंदगी भी उनके करियर जितनी चर्चा में रही। व्यवसायी सम्राट दहल से उनका रिश्ता फिल्मी नहीं बल्कि डिजिटल शुरुआत से जुड़ा था। दोनों की मुलाकात फेसबुक पर हुई थी। 19 जून 2010 को नेपाली परंपराओं के अनुसार दोनों ने शादी की, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा वक्त तक नहीं टिक सका। साल 2012 में दोनों का तलाक हो गया और इसी साल मनीषा की जिंदगी एक और बड़े मोड़ पर आ खड़ी हुई, उन्हें कैंसर का पता चला।
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कैंसर और अकेलेपन की लड़ाई
न्यूयॉर्क में इलाज के दौरान मनीषा ने न सिर्फ बीमारी से बल्कि रिश्तों के सच से भी सामना किया। उन्होंने बताया कि जिन दोस्तों को उन्होंने सबसे अपना समझा था, वे इस कठिन समय में उनके साथ नहीं थे। उन्होंने NDTV को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘पार्टी करने वाले दोस्त, ट्रैवल करने वाले लोग… दर्द में साथ बैठने वाला कोई नहीं था।’ उन्होंने यह भी साझा किया कि आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद उनका बड़ा कोइराला परिवार भी उनसे मिलने नहीं आया। उनके साथ थे सिर्फ उनके माता-पिता, भाई और भाभी, वही लोग जो हर स्थिति में उनके साथ खड़े रहे। यही अनुभव उन्हें अंदर से तोड़ने के बजाय आत्मबोध की ओर ले गया। मनीषा ने थेरेपी ली, खुद को समझा और अपनी प्राथमिकताएं बदल दीं। उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘अब मेरी जिंदगी में मेरी क्लोज फैमिली पहले आती है, बाकी सब बाद में हैं।’
कमबैक जो दिल जीत ले
2015 में मनीषा ने कैंसर को मात देने की घोषणा की और इसके बाद उन्होंने अपने करियर को नई दिशा दी। डियर माया, संजू जैसी फिल्मों के बाद, 2024 में संजय लीला भंसाली की चर्चित वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ से उन्होंने धमाकेदार वापसी की। उनकी भूमिका को समीक्षकों और दर्शकों दोनों से भरपूर सराहना मिली। मनीषा कोइराला की कहानी सिर्फ एक स्टार की नहीं, बल्कि एक ऐसी महिला की है जिसने जिंदगी के हर मोड़ पर साहस, ईमानदारी और आत्मबल से रास्ता बनाया।
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