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दिल चीर देने वाली थ्रिलिंग कहानी, OTT पर काट रही बवाल

दिल चीर देने वाली थ्रिलिंग कहानी, OTT पर काट रही बवाल

Image Source : PRIME VIDEO
अनुपमा परमेश्वरन।

साउथ इंडियन सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री अनुपमा परमेश्वरन को ‘प्रेमम’ जैसी हिट फिल्मों के लिए जाना जाता है, इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘लॉकडाउन’ को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। जनवरी 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देने के बाद इस फिल्म ने अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कदम रखा है। लाइका प्रोडक्शंस ने हाल ही में घोषणा की है कि यह थ्रिलर-ड्रामा अब अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। खास बात यह है कि दर्शक इसे तमिल और तेलुगु के साथ-साथ हिंदी डब वर्जन में भी देख सकते हैं।

फिल्म की पृष्ठभूमि और निर्माण

‘लॉकडाउन’ मूल रूप से एक तमिल फिल्म है, जिसका निर्देशन एआर जीवा ने किया है। फिल्म को रिलीज से पहले ही काफी सराहना मिल चुकी थी, क्योंकि इसका प्रीमियर नवंबर 2025 में गोवा में आयोजित 56वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह (IFFI) में किया गया था। इस फिल्म में अनुपमा परमेश्वरन के साथ चार्ले, लिविंगस्टन और निरोशा जैसे अनुभवी कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म की कहानी साल 2020 के उस दौर को दर्शाती है जब पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी की वजह से घरों में कैद थी।

क्या है कहानी?

फिल्म की कहानी चेन्नई में रहने वाली अनीता (अनुपमा परमेश्वरन) के इर्द-गिर्द घूमती है। अनीता एक मध्यमवर्गीय और रूढ़िवादी परिवार की बड़ी बेटी है, जिसके अपने सपने हैं और वह नौकरी कर आत्मनिर्भर बनना चाहती है। लेकिन उसकी जिंदगी तब एक भयानक मोड़ लेती है जब उसे पता चलता है कि वह गर्भवती है। एक बिना शादी की युवती के लिए यह स्थिति किसी बुरे सपने से कम नहीं है, ऊपर से देश में सख्त लॉकडाउन लगा हुआ है। अनीता ने इस सच को सबसे छुपाकर रखा है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, उसकी मुश्किलें बढ़ती जाती हैं। उसके दोस्त उसे गर्भपात की सलाह देते हैं, लेकिन लॉकडाउन की पाबंदियों और अस्पतालों की व्यस्तता के कारण उसके लिए यह राह बेहद कठिन हो जाती है। घर में अकेली फंसी अनीता का मानसिक तनाव और सामाजिक लोक-लाज का डर दर्शकों को एक गहरी निराशा और सहानुभूति से भर देता है।

वास्तविक घटनाओं पर आधारित संदेश

बताया जाता है कि ‘लॉकडाउन’ सच्ची घटनाओं से प्रेरित है। यह फिल्म केवल एक व्यक्तिगत कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक विडंबना को भी उजागर करती है, जहां एक अविवाहित महिला को स्वास्थ्य सेवाओं और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। फिल्म के दृश्य और संगीत अनीता की बेबसी को बहुत ही संजीदगी से पर्दे पर उतारते हैं। यह फिल्म एक ‘स्लो-बर्नर’ थ्रिलर की तरह आगे बढ़ती है, जहां हर बीतता पल तनाव को बढ़ाता है। अनुपमा ने एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया है जो एक तरफ महामारी से लड़ रही है और दूसरी तरफ अपने ही भीतर के राज को छुपाने की कोशिश कर रही है। यदि आप सामाजिक मुद्दों पर आधारित संजीदा और सस्पेंस से भरी फिल्में पसंद करते हैं, तो ‘लॉकडाउन’ एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है।

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