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‘धुरंधर’ से 40 साल पहले ही घर-घर में बस गया था गाजर खाने वाला जासूस, 8.6 रेटिंग वाला शो देख बच्चे करने लगे थे स्पाई बनने की जिद

‘धुरंधर’ से 40 साल पहले ही घर-घर में बस गया था गाजर खाने वाला जासूस, 8.6 रेटिंग वाला शो देख बच्चे करने लगे थे स्पाई बनने की जिद

‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2′ की सफलता ने फैंस के बीच एक बार फिर स्पाई यूनिवर्स यानी जासूसी दुनिया के बारे में उत्सुकता पैदा कर दी है, लेकिन भारत में जासूसी फिल्मों और शोज का चलन आज से नहीं बल्कि 40 साल से है। इस जोनर की फिल्में देखने के लिए दर्शक हमेशा ही बेकरार रहे हैं। सिटकॉम की दुनिया में भी इस जॉनर ने राज किया है। 80 के दशक में इस दौर की भारत में शुरुआत एक टीवी सीरियल के जरिए हुई, जो आज भी घर-घर में बसा हुआ है। इस शो को देखने के बाद बच्चा-बच्चा अपने मम्मी-पापा से यही जिद करता था कि उसे डॉक्टर-इंजीनियर नहीं बल्कि जासूस बनना है। इस टीवी शो का नाम  ‘करमचंद’ था। 

खूब पॉपुलर रहा ये जासूसी शो

80 और 90 के दशक में दूरर्शन पर कई ऐसे शोज आए जिन्हें आज तक लोग नहीं भूल पाते हैं। इनमें से एक था जासूसी शो ‘करमचंद’। इस शो की कहानी काफी मजेदार थी, ये लोगों को सस्पेंस के साथ कॉमेडी का भी बंपर डोज दिया करती थी। इसकी रोमांचक कहानी लोगों को अलग दुनिया की सैर पर ले जाती थी और सभी लोग घर के सारे काम छोड़कर टीवी के आगे इसे देखने के लिए बैठ जाया करते थे। शो में दो मुख्य किरदार थे, करमचंद और उसकी सेक्रेटरी। इस शो का उस दौर में भारी बज बना। वैसे इस शो में जासूस धुरंधर की तरह सीमा पार जाकर पाकिस्तान की जासूसी नहीं करता था, बल्कि वो देश में रहकर कई मर्डर मिस्ट्री के खुलासे करता था।

कैसा था करमचंद का किरदार और शो की कास्ट

शो में करमचंद का रोल पंकज कपूर ने निभाया था। डिटेक्टिव करमचंद केस सॉल्व करता था, वो हमेशा गाजर खाते नजर आता था, इतना ही नहीं उसके काले चश्मे भी उस दौर में चर्चा का केंद्र रहे थे। बिना टक की हुई शर्ट और उसके ऊपर ब्लेजर ही जासूस करमचंद का स्टाइल था जो दर्शकों ने काफी पसंद किया। पंकज की सेक्रेटरी का रोल सुष्मिता मुखर्जी ने निभाया था। दोनों की जोड़ी लोगों को फेवरेट बन गई थी। अर्चना पूरन सिंह और सुचेता खन्ना भी शो में अहम भूमिका निभाते दिखी थीं।

दूसरा सीजन और IMDb रेटिंग

साल 1985 में इस शो ने टीवी के पर्दे पर दस्तक दी थी। दर्शकों के लिए उस दौर में ये बिल्कुन नया कॉन्सेप्ट था। शुरुआत में इसे कम दर्शक मिले, लेकिन फिर चंद एपिसोड के बाद ही शो ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि ये लोगों का पसंदीदा बन गया। पंकज कपूर की एंक्टिंग के लोग मुरीद होने लगे थे। पहला सीजन इतना सफल रहा कि सालों बाद 2006 में मेकर्स ने इसका दूसरा सीजन भी रिलीज किया, लेकिन उसे वो सफलता नहीं मिल पाई। पंकज की आज भी इस शो से पहचान जुड़ी हुई है। इस शो को IMDb पर 8.6 रेटिंग मिली हुई है।

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