
‘धुरंधर 2’ इन दिनों सुर्खियों में है और इस फिल्म से टक्कर लेने वाला दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आ रहा है। बड़े-बड़े सितारों ने भी इस फिल्म के आगे घुटने टेक दिए हैं और इसकी कमाई आसमान छू रही है। फिल्म ने सिर्फ 18 दिनों में 1013 करोड़ का देश भर में नेट कलेक्शन कर लिया है, वहीं विदेशी कमाई मिलाकर ये आंकड़ा 1500 करोड़ के पार पहुंच चुका है। फिल्म की कमाई के अलावा इसकी कहानी और इसके गाने भी लोगों का खूब ध्यान खींच रहे हैं। आदित्य धर की डिटेलिंग, कास्टिंग के साथ ही पुराने क्लासिक गानों का सही चुनाव की काफी तारीफें हुईं। फिल्म में एक ऐसा गाना भी सुनने को मिला, जो आज के दौर में इमोशनल एंथम बन गया है और लोग इसे बार-बार चुन रहे हैं।
जसकीरत के इमोशन्स को बयां करता गाना
वैसे तो फिल्म में कई ऐसे गाने हैं जो लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं, लेकिन ये गाना सभी गानों पर भारी पड़ रहा है। इस गाने में खूब सारा इमोशन है, जो जसकीरत सिंह रांगी के दर्द को बयां करने के लिए अपने आप में काफी है। हम जिस गाने की बात कर रहे हैं, वो ‘मन अटकेया बेपरवाह दे नाल’ है, जिसे शाश्वत सचदेव ने आवाज दी है, उन्होंने ने ही इस गाने को कंपोज भी किया है। इस गाने में वैभव गुप्ता, शहजाद अली और टोकन की आवाज का भी जादू सुनने को मिला है। इस गाने के दो वर्जन टी-सीरीज ने रिलीज किए हैं, एक को 2.6 मिलियन व्यूज मिले हैं तो दूसरे को 1.7 मिलियन।
34 साल पुराना है ये गाना
वैसे ये गाना ओरिजिनल सॉन्ग नहीं है, ये एक रीक्रिएटेड वर्जन है। इसके ओरिजनल वर्जन को मशहूर सिंगर नुसरत फतेह अली खान ने गाया था। इस गाने को 1992 में रिकॉर्ड किया गया था। ये एक सूफी गाना था, जिसके लिरिक्स में इंसान के जज्जबात घोलने की कोशिश की गई थी। इस गाने में बताया गया था कि प्यार सिर्फ इंसान तक सीमित नहीं बल्कि आत्मा में समा जाता है। प्यार की गहराई को दिखाने के लिए इस गाने को तैयार किया गया था। नुसरत अक्सर इसे अपनी महफिलों में गाया करते थे। उनकी आवाज में ये गाना महफिल में चार चांद लगा देता था। आज भी उनकी आवाज में ये गाना यूट्यूब पर मौजूद है। ‘धुरंधर 2’के पोस्ट क्रेडिट सीन में इस गाने को रखा गया है, जो कहानी के अंत को और अधिक भावुक कर देता है।
धुरंधर और धुरंधर 2 में कई पुराने गाने
धुरंधरः द रिवेंज में किशोर कुमार से लेकर राहत फतेह अली खान के कई पुराने गाने हैं। कई कल्ट सॉन्ग में तम्मा तम्मा लोगे, रांबा हो सांबा हो, ओए ओए… तिरछी टोपी वाले, ‘दस मैं की प्यार विचों खटिया’, हम प्यार करने वाले जैसे गाने हैं। इस फिल्म ने पुराने सिंगर्स को तो पहचान दी है, बल्कि ये भी साबित किया कि पुराने गानों में जो चार्म है वो नए गानों में नहीं। अब यही पुराने गाने लोगों की जुबां पर छाए हुए हैं।
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