
वरुण धवन।
बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नए विवाद को लेकर चर्चा में हैं। यह मामला तब सामने आया, जब महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMMOCL) ने मुंबई मेट्रो के एक कोच के अंदर पुल-अप्स करने को लेकर उन्हें सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई। इस घटना ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बहस छेड़ दी है और सेलेब्रिटीज़ की सार्वजनिक जगहों पर जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
विवाद की शुरुआत तब हुई, जब MMMOCL ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो क्लिप शेयर की। इस क्लिप में वरुण धवन मेट्रो में यात्रा करते हुए ओवरहेड ग्रैब हैंडल को वर्कआउट इक्विपमेंट की तरह इस्तेमाल करते और पुल-अप्स करते नजर आ रहे थे। पहली नजर में यह वीडियो एक हल्का-फुल्का और फिटनेस से जुड़ा मजेदार पल लग सकता था, लेकिन मेट्रो अथॉरिटी ने इसे यात्रियों के लिए एक अहम सुरक्षा संदेश के तौर पर पेश किया।
मेट्रो अथॉरिटी की सख्त चेतावनी
MMMOCL ने पोस्ट के साथ एक सख्त लेकिन मजाकिया अंदाज में नोटिस लिखा। उन्होंने कहा, ‘यह वीडियो आपके एक्शन फिल्मों की तरह एक डिस्क्लेमर के साथ आना चाहिए था, वरुण धवन, महा मुंबई मेट्रो पर ऐसा करने की कोशिश न करें।’ इसके साथ ही पोस्ट में आगे जोड़ा गया, ‘हम समझते हैं कि हमारी मेट्रो में दोस्तों के साथ घूमना कूल है, लेकिन ग्रैब हैंडल लटकने के लिए नहीं बने हैं।’
कानूनी परिणामों की भी दी चेतावनी
मेट्रो अथॉरिटी यहीं नहीं रुकी। उसी नोटिस में MMMOCL ने यह भी साफ किया कि इस तरह का व्यवहार कानूनी रूप से दंडनीय हो सकता है। उन्होंने लिखा कि ऐसे कृत्य मेट्रो रेलवे (संचालन और रखरखाव) अधिनियम, 2002 के तहत उपद्रव या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की श्रेणी में आ सकते हैं। अपराध की गंभीरता के आधार पर इसमें जुर्माना और यहां तक कि कारावास तक का प्रावधान है। पोस्ट का अंत एक स्पष्ट संदेश के साथ हुआ, ‘तो दोस्तों, घूमें-फिरें, लेकिन वहां लटकें नहीं। महा मुंबई मेट्रो पर जिम्मेदारी से यात्रा करें।’
इंटरनेट पर छिड़ी बहस
यह पोस्ट तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और देखते ही देखते इस पर बहस शुरू हो गई। कई यूज़र्स ने मेट्रो अथॉरिटी का समर्थन किया और कहा कि सार्वजनिक परिवहन जिम नहीं होता। उनका मानना था कि जब कोई सेलेब्रिटी ऐसा करता है, तो लोग उसकी नकल करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ता है। वहीं, कुछ लोगों को लगा कि चेतावनी जरूरी थी, लेकिन किसी एक व्यक्ति को नाम लेकर टारगेट करना थोड़ा ज्यादा हो गया। हालांकि, कई यूज़र्स ने यह भी माना कि MMMOCL का लहजा अपेक्षाकृत हल्का और शरारती था, जिसने इसे एक सेफ्टी PSA की तरह पेश किया, न कि किसी नैतिक भाषण की तरह।
मेट्रो का तर्क क्यों है जायज
व्यावहारिक रूप से देखा जाए तो मेट्रो अथॉरिटी की दलील काफी स्पष्ट है। ग्रैब हैंडल यात्रियों को त्वरण, ब्रेकिंग और भीड़ के दौरान संतुलन देने के लिए बनाए जाते हैं। उनका इस्तेमाल बॉडीवेट एक्सरसाइज के लिए करने से समय के साथ फिक्स्चर ढीले हो सकते हैं, उपकरण खराब हो सकता है और अचानक झटके या फिसलन की स्थिति में आसपास खड़े यात्रियों को चोट लगने का खतरा पैदा हो सकता है। भले ही एक वीडियो में कुछ गलत न हो, लेकिन ऐसे व्यवहार को सामान्य बनाना बड़ी समस्या बन सकता है।
वरुण धवन का प्रोफेशनल फ्रंट
इस बीच, वरुण धवन प्रोफेशनल कारणों से भी सुर्खियों में बने हुए हैं। उनकी हालिया फिल्म बॉर्डर 2 सिनेमाघरों में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और दर्शकों की भीड़ खींच रही है। हालांकि उन्हें हाल ही में अपने रोल और एक्सप्रेशन्स को लेकर ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा था, जिस पर कुछ एक्टर्स और फिल्ममेकर्स उनके समर्थन में सामने आए थे। फिलहाल, वरुण धवन ने मेट्रो अथॉरिटी की इस पोस्ट पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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