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लाश की अदला-बदली में होगा बड़ा पचड़ा, पलक नहीं झपकने देगी 9.6 IMDb रेटिंग वाली फिल्म

लाश की अदला-बदली में होगा बड़ा पचड़ा, पलक नहीं झपकने देगी 9.6 IMDb रेटिंग वाली फिल्म

Image Source : STILL FROM TRAILER
फिल्म का एक सीन।

OTT ने साउथ की फिल्मों को भी उत्तर भारत में प्रचलित कर दिया है। हिंदी से ज्यादा अब साउथ की फिल्मों के चर्चे हैं। दरअसल नए और रोचक कंटेंट के लिए दर्शकों की भूख अब बढ़ गई है और वो हर जोनर के साथ हर भाषा की फिल्में देखना भी पसंद कर रहे हैं। हाल ही में ओटीटी पर साउथ की एक क्राइम कॉमेडी फिल्म रिलीज हुई, जो पहले ही सिनेमाघरों में लोगों का मनोरंजन कर चुकी थी। इस फिल्म को आज से ओटीटी पर देखा जा सकता है। इस फिल्म की IMDb रेटिंग शानदार है, कई लोग को भरोसा भी नहीं होगा कि आखिर किसी फिल्म 9.6 की IMDb रेटिंग को कैसे मिल सकती है। इससे जाहिर होता है कि ये फिल्म दर्शकों के साथ-साथ क्रिटिक्स की भी पसंद है। फिल्म देखने से पहले ही हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। 

फिल्म का नाम

इस फिल्म का नाम ‘गुरराम पापी रेड्डी’ है। इस फिल्म का टाइटल जितना इंट्रेस्टिंग है, उतनी ही मजेदार इसकी कहानी भी है। ये फिल्म क्राइम कॉमेडी यानी डार्क कॉमेडी है। इस जोनर की फिल्में भारत में कम ही देखने को मिलती हैं। फिल्म में नरेश अगस्त्य और फरिया अब्दुल्ला लीड किरदार निभा रहे हैं। इसे निर्देशित मुरली मनोहर ने किया है। फिल्म में मशहूर कॉमेडियन ब्रम्हानंदम भी है, जो जज के किरदार में हैं। तमिल के चर्तित कमेडियन योगी बाबू ने इस फिल्म के जरिए तेलुगु इंडस्ट्री में कदम रखा है। क्रिटिक्स इस फिल्म के एक्टर्स के अभिनय की जमकर तारीफ कर चुके हैं। क्रिटिक्स का कहना है कि फिल्म की कहानी आखिर तक बांधे रखती है और ये मनोरंजन का फुल पैकेज है।

फिल्म की कहानी 

कहानी गुरराम पापी रेड्डी के इर्द गिर्द घूमती है। इस किरदार को नरेश अगस्त्य निभा रहे हैं। गुरराम पापी रेड्डी चिट फंड कंपनी में पैसे लगाता है और ये कंपनी डूब जाती है, जिसके बाद वो कर्ज में फंस जाता है। वह सौदामिनी, जिसका किरदार फरिया निभा रही हैं और तीन और लोगों (गोयी, चिपीली और मिलिट्री) के साथ काम शुरू करता है और इसके साथ हाथ मिला लेता है। ये मिलकर एक अजेंडे पर काम करते हैं। इनका मिशन श्रीशैलम से एक लाश लाने का है। जितना सरल आप इसे समझ रहे हैं, ये उतना सरल नहीं है। लाश को हैदराबाद लाने के बाद उसे कब्रिस्तान में दफना देना है और उसकी जगह एक दूसरी लाश का प्रबंध करना है। इस काम में कई मुश्किलें पैदा होती हैं। जैसे कहानी आगे बढ़ती है मामला गहराता जाता है। इन पांचों का सामना एक शाही परिवार से होता है और ये प्रॉपर्टी के एक पचड़े में उलझ जाते हैं।

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