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15 इतिहासकारों की मदद से बना दूरदर्शन का शो, जिसके लिए मंगाई गईं 10 हजार किताबें

15 इतिहासकारों की मदद से बना दूरदर्शन का शो, जिसके लिए मंगाई गईं 10 हजार किताबें

80-90 के दशक को टीवी का गोल्डन इरा कहा जाता है, क्योंकि इस दौर में आए सभी टीवी शोज कंटेंट के मामले में रिच और यूनिक थे। भारतीय टेलीविजन ने अपने लंबे इतिहास में ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ से लेकर ‘मालगुडी डेज’ तक, कई यादगार धारावाहिक दिए हैं, जिन्होंने दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ-साथ जरूरी जानकारी भी दर्शकों तक पहुंचाई है। इन धारावाहिकों ने दर्शकों के बीच समाज और संस्कृति को लेकर जागरूकता भी बढा़ई है। इनमें श्याम बेनेगल द्वारा निर्देशित ‘भारत एक खोज’ भी शामिल है। रामायण और महाभारत के दौर में आया ये सीरियल काफी लोकप्रिय हुआ, क्योंकि इसने भारतीय इतिहास की समृद्ध विरासत को दर्शकों तक बहुत ही रोचक और आकर्षक ढंग से पहुंचाया था।

भारत के पहले प्रधानमंत्री की किताब थी आधार

‘भारत एक खोज’ में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की अहम भूमिका मानी जाती है। दरअसल, इस धारावाहिक का मूल आधार भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की चर्चित किताब ‘द डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ थी। नेहरू ने इस किताब में सिंधु घाटी सभ्यता की शुरुआत से लेकर भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति तक के लगभग 5000 सालों के इतिहास की गहन जानकारी मिलती है। 80 के दशक में आए इस धारावाहिक ने भारत के अतीत को नई पीढ़ी से जोड़ने का काम किया था।

तीन साल तक चली रिसर्च

बताया जाता है कि इस सीरियल को तैयार करने से पहले मेकर्स ने करीब साढ़े तीन साल तक गहन रिसर्च की। करीब 22 इतिहासकारों और 10 लेखकों की टीम बनाई गई। सीरियल में करीब 500 कलाकारों को शामिल किया गया और इसकी शूटिंग में करीब 20 महीने लगे। सीरियल में कुछ गलती न हो इसलिए मेकर्स ने कई संस्थानों की भी मदद ली, जिनमें आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया भी शामिल था। सीरियल की शूटिंग से पहले कलाकारों की वेशभूषा से लेकर सेट डिजाइन तक पर बारीकी से काम किया गया, तब जाकर ये धारावाहिक शुरू हो सका।

53 एपिसोड पर खत्म हुआ शो

सीरियल में हड़प्पा सभ्यता से लेकर 19वीं सदी तक के दौर को दिखाया गया था। ऐसे में मेकर्स ने हर सदी की खूबसूरती और अलग-अलग समय को दिखाने के लिए करीब 144 सेट बनाए थे। ‘भारत एक खोज’ की शुरुआत 1988 में हुई थी और 1989 तक ये शो चला। हर रविवार सुबह इसका नया एपिसोड टेलीकास्ट होता। कुल 53 एपिसोड वाले इस धारावाहिक को आज भी काफी पसंद किया जाता और आईएमडीबी पर भी इसे 8.9 की शानदार रेटिंग मिली है।

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