
थलापति विजय।
अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय इन दिनों अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘जना नायकन’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिये तैयार है, लेकिन रिलीज से पहले ये एक नए पचड़े में फंस गई है। थलापति विजय की ‘जना नायकन’ को अभी तक सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिला है। एक तरफ थलापति विजय ऐलान कर चुके हैं कि ‘जना नायकन’ उनकी आखिरी फिल्म है, इसके बाद वह पूरी तरह से राजनीति के दंगल पर अपना फोकस रखेंगे। लेकिन, सुपरस्टार के चुनावी रण में उतरने से पहले उनकी फिल्म को लेकर बड़ा पंगा खड़ा हो गया है। उनकी फिल्म को अब तक सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला है, जिसके चलते मेकर्स हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। वहीं कोर्ट ने भी मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
थलापति विजय की आखिरी फिल्म है ‘जना नायकन’
‘जना नायकन’, थलापति विजय की आखिरी फिल्म है। थलापति विजय ने ऐलान किया था कि राजनीति में उतरने से पहले ये उनकी आखिरी फिल्म है। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया, जिसमें उनका किरदार आम जन को सरकार से सवाल पूछने, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए प्रेरित करता है। हालांकि, विजय का इस तरह की फिल्में करना कोई नई बात नहीं है, वह इससे पहले भी इस तरह की फिल्में कर चुके हैं और इन्हें दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स भी मिला है। थलापति विजय की ‘कथ्थी’, ‘मर्सल’ और ‘सरकार’ जैसी फिल्में इसी थीम पर रही हैं।
जना नायकन को लेकर क्या है विवाद?
दरअसल, ‘जना नायकन’ का ट्रेलर आने के बाद से ही थलापति विजय पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने ऐसी ही एंटी एस्टैब्लिशमेंट फिल्मों के जरिए अपनी ‘जनता का हीरो’ वाली इमेज बनाई है, जिसका इस्तेमाल अब वह राजनीति में करने जा रहे हैं। तमिलनाडु में पहले भी कई कलाकार सिनेमा को सीढ़ी बनाकर राजनीति में कदम रख चुके हैं और अब थलापति विजय पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने राजनीति तक पहुंचने के लिए एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत फिल्में की हैं। इन आरोपों का असर अब उनकी फिल्म ‘जना नायकन’ पर भी होता दिख रहा है, जिसकी रिलीज डेट 2 दिन में है और इसे अब तक सेंसर बोर्ड की तरफ से हरी झंडी नहीं मिली है।
‘जना नायकन’ थलापति विजय की ‘जन नेता’ वाली इमेज मजबूत करेगी
माना जा रहा है कि विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ उनकी जन नेता वाली इमेज को मजबूत करेगी, लेकिन अब जब फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला है तो अब तक इसकी एडवांस बुकिंग भी पूरी तरह से नहीं खुल पाई है। बता दें, मंगलवार को मेकर्स ने फिल्म के लिए सेंसर सर्टिफिकेट की मांग करते हुए मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें प्रोडक्शन का आरोप है कि सेंसर बोर्ट ने अनुचित रूप से सर्टिफिकेट रोका है और इससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। दूसरी तरफ कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यही नहीं, न्यायमूर्ति आशा ने संकेत दिया कि आदेश 9 जनवरी की सुबह सुनाए जाने की संभावना है।
ये भी पढ़ेंः YRF ने 1200 करोड़ क्लब में शामिल हुई ‘धुरंधर’ को बताया मील का पत्थर, भावुक रणवीर सिंह बोले- ‘मैं हमेशा आपको…’
Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt
This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited



