
एआर रहमान
बॉलीवुड के दिग्गज म्यूजिक कंपोजर और सिंगर एआर रहमान बीते कुछ दिनों से विवादों में घिरे रहे हैं। उन्होंने एक एंटरव्यू में सांप्रदायिक भेदभाव को लेकर कुछ ऐसा कहा कि बवाल मच गया और इस पर प्रतिक्रियाओं का अंबार लग गया। हजारों लोगों ने एआर रहमान के बयान पर अपनी बात रखी और कुछ ने उन्हें ट्रोल तक किया। अब इसी विवादों के बीच एआर रहमान ने अबू धाबी की धरती पर ऐसा गाना गाया कि चौतरफा चर्चा होने लगी है। यहां अपने कॉन्सर्ट के दौरान एआर रहमान ने अपने हिट गानों के अलावा, वंदे मातरम भी गाया, जिसे दर्शकों ने ऑनलाइन खूब सराहा। उनके कॉन्सर्ट में शामिल हुए लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस मंत्रमुग्ध कर देने वाले प्रदर्शन के वीडियो साझा किए। ‘बैंडिट क्वीन’ के निर्देशक शेखर कपूर ने प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए एआर रहमान की प्रशंसा की और इसे बेहद रोमांचक कॉन्सर्ट बताया।
शेखर कपूर की एआर रहमान के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया
अपने पोस्ट में फिल्म निर्माता शेखर कपूर ने लिखा, ‘कल रात अबू धाबी के एतिहाद एरीना में एआर रहमान का कितना रोमांचक कॉन्सर्ट था! खचाखच भरे 20,000 लोग रहमान के खूबसूरत और भावपूर्ण गानों पर झूम रहे थे, गा रहे थे, नाच रहे थे और यहां तक कि रो भी रहे थे।’ अपने इंटरव्यू के बाद मचे बवाल पर सोशल मीडिया पर मिली तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद संगीतकार एआर रहमान ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनका संगीत आत्म-अभिव्यक्ति का माध्यम है, न कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का।
माफी में क्या बोले थे एआर रहमान
वीडियो में उन्होंने कहा, ‘प्रिय मित्रों, संगीत हमेशा से मेरे लिए एक संस्कृति से जुड़ने, उसका जश्न मनाने और उसे श्रद्धांजलि देने का माध्यम रहा है। मैं भारत को प्रेरणा, शिक्षक और घर के रूप में देखता हूं। मैं जानता हूं कि अच्छे इरादों में भी गलतफहमी की संभावना हमेशा रहती है। लेकिन मेरा इरादा हमेशा संगीत के माध्यम से उत्थान करना, श्रद्धांजलि देना और सेवा करना रहा है। मैंने कभी किसी को ठेस पहुंचाने की इच्छा नहीं रखी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मैं एक भारतीय हूं, क्योंकि यह देश, किसी न किसी कारण से, मुझे रचनात्मकता की स्वतंत्रता में विश्वास रखने वाला माहौल प्रदान करता है।’
भारत के लिए दिखाया था प्यार
संगीत के उस्ताद एआर रहमान ने भी कहा, ‘जला से लेकर माननीय प्रधानमंत्री और रूही नूर की उपस्थिति में वेव समिट में प्रस्तुति देने तक, नागालैंड के युवाओं के साथ मिलकर स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा बनाने तक, सनशाइन म्यूजिक एकेडमी को मार्गदर्शन देने और भारत के पहले सांस्कृतिक वर्चुअल बैंड सीक्रेट माउंटेन की स्थापना करने तक, और हंस ज़िमर के साथ रामायण के लिए संगीत तैयार करने जैसे बड़े सम्मान तक, हर यात्रा ने मेरे उद्देश्य को मजबूत किया है। मैं इस राष्ट्र का आभारी हूं और अतीत का सम्मान करने वाले संगीत के प्रति समर्पित हूं।’
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