
महेश बाबू।
एसएस राजामौली की आने वाली एक्शन-फैंटेसी फिल्म ‘वाराणसी’ ने अपने ऐलान के बाद से ही दर्शकों और फिल्म प्रेमियों के बीच तहलका मचा दिया है। फिल्म की कास्ट में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन शामिल हैं, जिसने दर्शकों की उत्सुकता और भी बढ़ा दी। जब फिल्म का ग्रैंड टीजर रिलीज हुआ तो इसके विज़ुअल्स और स्केल ने उम्मीदों को कई गुना बढ़ा दिया। अगले साल यानी 7 अप्रैल 2027, यह फिल्म बड़े पर्दे पर आने वाली है।
क्या होने वाला है महेश बाबू का रोल?
हाल ही में महेश बाबू ने अपने किरदार को लेकर एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म भारतीय महाकाव्य रामायण के एक अध्याय से प्रेरित है। महेश बाबू का किरदार ‘रुद्र’ फिल्म में एक हिस्से में भगवान राम की भूमिका निभाएगा। अभिनेता ने कहा कि इस भूमिका के लिए उन्हें खास पोस्चर और शारीरिक ट्रेनिंग की जरूरत पड़ी। उन्होंने बताया, ‘आप मॉडर्न किरदारों की तरह खड़े नहीं हो सकते। इसके लिए अलग ट्रेनिंग हुई। राजामौली सर ने मुझे यूरोपियन मूर्तियों के फोटो दिए, जिन्हें मैंने अपने स्टडी रूम में रखा और स्मार्टफोन में भी रखा ताकि हर समय उनका अभ्यास कर सकूं।’
फिल्म के लिए कड़ी मेहनत
महेश बाबू ने यह भी साझा किया कि जर्मनी में एक फैमिली हॉलिडे के दौरान वह अनजाने में उसी पोस्चर में खड़े हो जाते थे, जिससे कुछ विदेशी उनके व्यवहार पर हैरान रह गए। उन्होंने हंसते हुए कहा कि जब शूटिंग के दौरान डायरेक्टर उनसे कहते हैं सीधे खड़े हो जाओ तो यह करना उनके लिए आसान हो जाता है क्योंकि उन्होंने पहले ही उस प्रक्रिया से गुजर चुके थे। फिल्म में महेश बाबू ने कलारी ट्रेनिंग भी ली, जो केरल की प्राचीन मार्शल आर्ट है। इसका उद्देश्य भगवान राम की तरह दौड़ने और एक्शन करना था। हालांकि, इस ट्रेनिंग के केवल दो शॉट्स ही फाइनल कट में शामिल होंगे। महेश बाबू ने कहा, ‘जब मैंने शॉट देखा तो मुझे बहुत खुशी हुई। छह महीने की ट्रेनिंग ने मेरे चलने और खड़े होने के तरीके को ही बदल दिया। यह अनुभव इसके लायक था।’
फिल्म में है रामायण से जुड़ी असल घटना
महेश बाबू ने यह भी कबूल किया कि एसएस राजामौली के साथ काम करने के बाद वह बिगड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि राजामौली एक्शन को इतना सहज और आसान बना देते हैं कि बिना चोट या ज्यादा गलतियों के एक्शन सीक्वेंस करना संभव हो जाता है। अभिनेता ने बताया कि उनकी सभी फिल्मों में रामायण की कहानियों से प्रेरणा रही है और ‘वाराणसी’ में उन्हें असली घटना लेकर उसे बड़े पैमाने पर पर्दे पर प्रस्तुत करने का मौका मिला। एसएस राजामौली ने भी ‘पॉलीगॉन’ से बातचीत में बताया कि उनकी अधिकांश फिल्में रामायण से प्रेरित रही हैं। उन्होंने कहा, ‘इस फिल्म में मुझे रामायण की एक असली घटना को लेकर उसे इस तरह पेश करने का मौका मिला कि दर्शक आसानी से समझ सकें। मेरी कोशिश रहती है कि कहानी अजीब न लगे और फिल्म देखने का अनुभव आसान और मनोरंजक हो।’
बाप-बेटे की कहानी पर फोकस
राजामौली ने यह भी बताया कि फिल्म का सबसे अहम रिश्ता पिता और बेटे का है, जो भगवान राम और दशरथ के बीच के रिश्ते से प्रेरित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दर्शकों को राम की पूरी कहानी समझने की जरूरत नहीं है, बल्कि किरदारों की भावनाओं को महसूस करना ही पर्याप्त है। ‘वाराणसी’ की कास्ट में महेश बाबू रुद्र के किरदार में हैं। प्रियंका चोपड़ा का किरदार मंदाकिनी, एक रहस्यमयी और खतरनाक चोर है, जबकि पृथ्वीराज सुकुमारन फिल्म के मुख्य विलेन कुंभा के रूप में नजर आएंगे। फिल्म के पोस्टर में प्रियंका चोपड़ा के एक्शन अवतार ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया है।
फैंस को मिलेगा IMAX में मजा
फिल्म के एक विशेष युद्ध दृश्य को IMAX फॉर्मेट में शूट किया गया है, ताकि दर्शकों को बड़े पर्दे पर एक भव्य और अद्भुत विज़ुअल अनुभव मिल सके। राजामौली इस दृश्य और फिल्म के अन्य एक्शन सीक्वेंस को अत्यंत शानदार बनाने के लिए जाने जाते हैं। ‘वाराणसी’ कथित तौर पर देश की अब तक की सबसे महंगी फिल्म है, जिसका बजट 1000–1300 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। महेश बाबू और उनकी टीम ने पूरी तैयारी, ट्रेनिंग और मेहनत के साथ फिल्म की शूटिंग पूरी की है, जिससे फिल्म के रिलीज होने पर दर्शकों को एक अद्वितीय और भव्य अनुभव मिलने की उम्मीद है।
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