
राजपाल यादव।
राजपाल यादव अपनी कमाल की कॉमिक टाइमिंग और अपनी शानदार एक्टिंग की वजह से चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है। एक्टर इस वक्त तिहाड़ जेल में हैं। अब सवाल आता है कि आखिर उन्होंने ऐसा क्या कि वो जेल की हवा खा रहे हैं। दरअसल चेक बाउंस और कर्ज से जुड़े मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा है। कर्ज न चुका पाने के कारण वो डिफॉल्टर की श्रेणी में आ गए, कई मौके दिए जाने के बाद भी वो इसे अदा नहीं कर पाए, ऐसे में कोर्ट ने उन्हें 6 महीने की सजा सुना दी। उन्होंने कोर्ट कुछ और वक्त मांगा, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई। इस स्थिति में उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया और जब उनसे पूछा गया कि वो जेल जाने के बजाय रकम क्यों नहीं चुका देते तो उनका जवाब था कि उनके पास पैसे नहीं हैं और न ही उनके पास कोई मदद करने वाला है। अब ये मामला शुरू कैसे हुआ, ये आपको बताते हैं।
राजपाल ने जाहिर की थी तंगहाली
अभिनेता राजपाल यादव का इमोशनल वीडियो और बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से ठीक पहले दिया गया उनका यह बयान न सिर्फ़ उनके फैंस बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को भावुक कर गया। बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजपाल यादव ने अधिकारियों के सामने अपनी खराब आर्थिक स्थिति को लेकर खुलकर दर्द बयां किया था। जब उनसे उनकी कानूनी परेशानियों के बारे में सवाल किया गय, तो उन्होंने बेहद बेबसी भरे लहजे में कहा, ‘सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा।’ उनका यह बयान उस मानसिक और आर्थिक दबाव को दर्शाता है, जिससे वह लंबे समय से गुजर रहे थे।
राजपाल यादव के इस इमोशनल बयान ने उनके संघर्ष और अकेलेपन की कहानी को उजागर कर दिया। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने अपने करीबी दोस्तों या इंडस्ट्री में मौजूद परिचितों, जैसे मशहूर निर्देशक प्रियदर्शन से मदद क्यों नहीं मांगी तो उनका जवाब और भी ज्यादा चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा, ‘सर, यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं होता। मुझे इस मुश्किल का सामना खुद ही करना होगा।’ यह बयान फिल्म इंडस्ट्री के उस कड़वे सच की ओर इशारा करता है, जहां मुश्किल वक्त में कई बार कलाकार खुद को अकेला महसूस करते हैं।
क्या है पूरा मामला?
राजपाल यादव की कानूनी परेशानियों की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। उन्होंने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ (2012) के लिए दिल्ली स्थित मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से ₹5 करोड़ का लोन लिया था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही, जिसके चलते लोन चुकाने में परेशानी पैदा हो गई। भुगतान न हो पाने के कारण मामला कोर्ट तक पहुंच गया और यहीं से राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलों का लंबा सिलसिला शुरू हो गया। अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। शिकायतकर्ता को दिए गए सात चेक बाउंस होने के बाद अदालत ने अभिनेता को छह महीने की साधारण जेल की सजा सुनाई। इस फैसले को 2019 की शुरुआत में सेशन कोर्ट ने भी बरकरार रखा, जिससे राजपाल की मुश्किलें और बढ़ गईं।
6 महीने की जेल की सजा
इसके बाद राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर की, लेकिन राहत सीमित ही रही। समय के साथ उनकी आर्थिक स्थिति और ज्यादा बिगड़ती चली गई। जून 2024 में कोर्ट ने उनकी सजा को अस्थायी रूप से सस्पेंड करते हुए बकाया रकम चुकाने के लिए ईमानदारी और ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया। इस दौरान ब्याज और अन्य देनदारियों को मिलाकर बकाया राशि बढ़कर लगभग ₹9 करोड़ तक पहुंच गई। हालांकि, कोर्ट द्वारा दी गई मोहलत के बावजूद राजपाल तय समयसीमा में भुगतान नहीं कर पाए, जिससे अदालत का रुख धीरे-धीरे सख्त होता चला गया।
क्यों सुनाई गई सजा?
अक्टूबर 2025 तक राजपाल यादव ने दो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए ₹75 लाख की राशि जमा की, लेकिन कोर्ट ने पाया कि अधिकांश रकम अब भी बकाया है। इसी को देखते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी के साथ, चाहे उसका सेलिब्रिटी स्टेटस कुछ भी हो, हमेशा नरमी नहीं बरती जा सकती। 4 फरवरी 2026 को कोर्ट ने फंड जुटाने के लिए एक हफ्ते की मोहलत मांगने वाली आखिरी मिनट की याचिका भी खारिज कर दी। जज ने यह भी कहा कि राजपाल यादव पहले करीब 20 बार अपने कमिटमेंट पूरे करने में नाकाम रहे हैं। अगले दिन 5 फरवरी 2026 को, राजपाल यादव के वकील ने ₹25 लाख का नया चेक और नया पेमेंट शेड्यूल पेश किया, लेकिन इसके बावजूद कोर्ट ने सरेंडर ऑर्डर वापस लेने से इनकार कर दिया। अंततः उसी दिन शाम करीब 4 बजे अभिनेता राजपाल यादव ने अपनी छह महीने की सजा काटने के लिए तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया।
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