
मोहम्मद रफी।
पंजाब के एक छोटे से गांव में जन्मा एक लड़का, जो आगे चलकर हिंदी सिनेमा की आवाज बना। हम बात कर रहे हैं मोहम्मद रफी की, जिन्होंने हिंदी सिनेमा को कई हिट गाने दिए। दिवंगत सिंगर ने अपने करियर में 26000 से ज्यादा गाने गाए और आज भी लोग उनकी सुरीली आवाज के दीवाने हैं। लेकिन, क्या आप मोहम्मद रफी के उस गाने के बारे में जानते हैं, जो सालों तक लोगों तक नहीं पहुंच पाया? ये गाना पहले देवआनंद पर फिल्माया जाना था, उन्होंने रिजेक्ट किया तो राजेंद्र कुमार के पास पहुंचा और उन्होंने भी इसे अस्वीकार कर दिया। आखिरी में ये गाना शम्मी कपूर पर फिल्माया गया और ऐसा हिट हुआ कि आज तक इसकी दीवानगी लोगों के सिर पर चढ़ी रहती है।
क्यों कर दिया गया था रिजेक्ट?
मोहम्मद रफी का ये गाना था ‘आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर जुबान पर’, जो शम्मी कपूर और मुमताज पर फिल्माया गया था। लेकिन, इससे पहले ये गाना लगातार 7 साल तक ठोकरें खाता रहा। कोई भी एक्टर इसे अपनाने के लिए तैयार जो नहीं था। 1961 में इस गाने को देवआनंद ने ठुकरा दिया, जो उनकी फिल्म ‘जब प्यार किसी से होता है’ के लिए बनया गया था। लेकिन, देवआनंद ने देव आनंद ने ये गाना ये कहते हुए ठुकरा दिया कि इसके बोल फिल्म के मूड के हिसाब से ठीक नहीं हैं।
राजेंद्र कुमार ने भी मारी ठोकर
इसके बाद गाना राजेंद्र कुमार के पास गया, 1966 में उनकी फिल्म ‘सूरज’ की तैयारी चल रही थी। राजेंद्र कुमार ने इस गाने को ये कहते हुए ठुकरा दिया कि गाना उनकी स्क्रीन इमेज से बिलकुल मेल नहीं खाता। ये दूसरी बार था, जब मोहम्मद रफी के इस गाने को ठुकरा दिया गया। दो बड़े स्टार्स से रिजेक्ट होने के बाद ये गाना 1968 में रिलीज हुई ‘ब्रह्मचारी’ का हिस्सा बना, जिसमें शम्मी कपूर और मुमताज लीड रोल में थे।
गाना सुनते ही शम्मी कपूर हुए खुश
शम्मी कपूर के पास जब ये गाना पहुंचा तो वह इसके बोल और धुन सुनते ही खुश हो गए और तुरंत उन्होंने इसे अपनी फिल्म के लिए चुन लिया। ये गाना शम्मी कपूर की ऊर्जा से मेल खाता था, ऐसे में उनका कहना था कि ये उनके लिए परफेक्ट है। ‘ब्रह्मचारी’ में ये गाना शम्मी कपूर और मुमताज पर फिल्माया गया, जो सीधे लोगों के दिल में उतर गया। गाने को खूब पसंद किया गया और आज भी ये खूब सुना जाता है।
‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ के बारे में
ब्रह्मचारी का इस्से बने इस हिट गाने ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ का संगीत जय किशन ने दिया था और इसके बोल लिखे थे हसरत जयपुरी और शैलेंद्र ने। वहीं इस गाने को मोहम्मद रफी और सुमन कल्याणपुर ने अपनी आवाज दी थी, जो फिल्म के रिलीज होने के बाद बॉलीवुड का कल्ट क्लासिक बन गया।
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