digital products downloads

मुश्किल में उलझी द केरला स्टोरी 2 की रिलीज डेट? हाई कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

मुश्किल में उलझी द केरला स्टोरी 2 की रिलीज डेट? हाई कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

Image Source : INSTAGRAM@VIPULSHAH
द केरला स्टोरी 2

केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को ‘द केरल स्टोरी 2’ विवाद पर दलीलें सुनीं। अदालत ने फिल्म के दावों और शीर्षक पर चिंता जताई, साथ ही सुनवाई की वैधता और अधिकार क्षेत्र से जुड़े कई कानूनी सवाल भी उठाए गए। 

न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने कहा कि वे फिल्म देखने के इच्छुक हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने इस दावे पर भी चिंता व्यक्त की कि यह सच्ची घटनाओं से प्रेरित है और शीर्षक में केरल शब्द का प्रयोग किया गया है। याचिकाकर्ता फ्रेडी वी फ्रांसिस की ओर से पेश हुए अधिवक्ता श्रीराग शिलान ने सुनवाई शुरू होते ही अपनी दलीलें पेश कीं।
बार एंड बेंच के अनुसार, कार्यवाही के दौरान सीबीएफसी के वकील ने कहा, माननीय न्यायाधीश, हमारी कोई भूमिका नहीं है। अगर यह इंटरनेट पर वीडियो है, तो हमारा कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है, लेकिन याचिकाकर्ता प्राधिकरण के समक्ष वैकल्पिक उपाय के माध्यम से आपत्ति उठा सकते हैं। हालांकि, न्यायमूर्ति थॉमस ने ऐसे उपायों के समय पर चिंता जताते हुए कहा, आप फिल्म देखने के बाद ही पुनरीक्षण का अनुरोध कर सकते हैं, तब तक यह निरर्थक हो जाएगा। तब तक नुकसान हो चुका होगा।

सीबीएफसी के वकील ने दी ये दलील

सीबीएफसी के वकील ने स्क्रीनिंग के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैंने स्क्रीनिंग के बारे में पूछा था, लेकिन आप इसके लिए इच्छुक नहीं थे, इसलिए मैंने पूछा कि क्या स्क्रीनशॉट वास्तव में फिल्म में हैं।’ सीबीएफसी के वकील ने तर्क दिया, ‘याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि केरल को बदनाम किया जा रहा है, लेकिन इस स्तर पर इसका निर्धारण नहीं किया जा सकता।’ इस पर न्यायमूर्ति थॉमस ने जवाब दिया, ‘केरल को बदनाम किया जा रहा है या नहीं, यह विषयवस्तु पर निर्भर करता है, यह कहा जा रहा है कि ‘शरिया कानून हर जगह लागू किया जाएगा’।’ सीबीएफसी के वकील ने आगे कहा, ‘याचिकाकर्ताओं द्वारा जिन बयानों का हवाला दिया गया है, वे फिल्म के खलनायक किरदारों द्वारा दिए गए हो सकते हैं, क्या इससे पूरे राज्य को बदनाम करना माना जाएगा?’ निर्माता सनशाइन पिक्चर्स की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील एस श्रीकुमार ने अपनी दलीलें शुरू कीं और याचिका की प्रकृति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘यह रिट याचिका असल में क्या दर्शाती है? याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने ‘द केरल स्टोरी 2′ का टीज़र देखा और इससे उन्हें बहुत ठेस पहुंची है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह मुख्य प्रश्न है कि क्या यह पीड़ित पक्ष द्वारा दायर की गई रिट याचिका है या जनहित याचिका,’ और याचिका की स्वीकार्यता पर बहस करते हुए कहा, ‘यदि शिकायत राज्य या देश के लोगों की ओर से है, तो इसका उपाय क्या है? क्या यह न्यायालय इस पर सुनवाई कर सकता है?’ वरिष्ठ वकील ने आगे कहा, ‘याचिकाकर्ताओं की व्यक्तिगत शिकायत हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह निजी मुकदमा है।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘याचिकाकर्ता प्रमाणन से प्रत्यक्ष रूप से पीड़ित व्यक्ति नहीं है; शिकायत केरल के लोगों को प्रभावित करने वाले शीर्षक से संबंधित है,’ और यह प्रश्न उठाया कि क्या रोस्टर के अनुसार न्यायालय रिट याचिका की सुनवाई कर सकता है।

क्या बोले न्यायमूर्ति थॉमस?

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए न्यायमूर्ति थॉमस ने कहा, ‘यदि यह रोस्टर से बाहर है, तो निश्चित रूप से इस पर विचार नहीं किया जा सकता है, लेकिन किसी व्यक्ति के पास याचिका दायर करने का अधिकार है या नहीं, यह तय करने के लिए दलीलों पर विचार करना होगा।’ सुनवाई आगे बढ़ने पर, वरिष्ठ वकील ने न्यायालय को सूचित किया, ‘फिल्म और उसके विदेशी अधिकार पहले ही बिक चुके हैं। फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है। यदि माननीय न्यायाधीश इस मामले को आदेश के लिए सुरक्षित रख लें, तो मैं अपनी दलीलें समाप्त करूंगा।’ न्यायमूर्ति थॉमस ने तब कहा, ‘तो मैं यह कहना चाहूगा कि सुनवाई पूरी होने तक, दलीलें समाप्त होने तक इसे रिलीज न करें।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मामले को निष्फल न होने दें। न्यायालय के निर्णय के बिना, याचिकाकर्ताओं द्वारा व्यक्त की गई आशंका संभवतः वास्तविक है।’ हालांकि, सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। न्यायमूर्ति थॉमस ने कहा, ‘मैं आज सुनवाई जारी नहीं रख सकता; मैं कल सुबह वरिष्ठ वकील महोदय की बात सुनूंगा।’ 

कार्यवाही के दौरान, सीबीएफसी के वकील ने यह भी कहा कि पुनरीक्षण समिति शिकायत पर विचार कर सकती है। अधिवक्ता हेगड़े ने आपत्ति जताते हुए कहा, ‘यह याचिकाकर्ता के अधिकारों को कुचलने का मात्र प्रयास है।’ अधिवक्ता शायलन ने दोहराया, ‘निर्माताओं ने मेरे प्रतिनिधित्व और मामले पर आपत्ति नहीं जताई है और न ही इसे चुनौती दी है।’ न्यायालय ने निर्देश दिया कि सुनवाई अगली सुबह जारी रहेगी। न्यायमूर्ति थॉमस ने कहा, ‘सुनवाई कल सुबह जारी रहेगी और वकीलगण कृपया अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करें।’ ‘द केरल स्टोरी’ मूल रूप से 27 फरवरी को रिलीज होने वाली थी। मामले की सुनवाई सुबह 9.45 बजे निर्धारित है।

Latest Bollywood News

Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt

This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited

Source link

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand News Doonited
Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Instagram
WhatsApp