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‘होश आया तो दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा था’, सर्जरी के बाद रो पड़ीं दीपिका कक्कड़, लिवर

‘होश आया तो दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा था’, सर्जरी के बाद रो पड़ीं दीपिका कक्कड़, लिवर

Image Source : DIPIKA KI DUNIYA YOUTUBE
दीपिका कक्कड़।

मशहूर टेलीविजन अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी कठिन चुनौतियों का सामना कर रही हैं। पिछले साल लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग जीतने के बाद हाल ही में उन्हें एक नई चिकित्सा समस्या ने घेर लिया। दीपिका के लिवर में 1.3 सेंटीमीटर का एक सिस्ट पाया गया, जिसे हटाने के लिए उन्हें एक बार फिर सर्जरी की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। तीन दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने और सफल मेडिकल प्रोसीजर के बाद, अब वह अपने घर लौट आई हैं। घर वापस आने के बाद दीपिका ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक विस्तृत व्लॉग साझा किया है, जिसमें उन्होंने अपनी सर्जरी के अनुभव उस दौरान हुए असहनीय दर्द और अपनी मानसिक स्थिति के बारे में खुलकर बात की।

सर्जरी के बाद का असहनीय दर्द और भावुक पल

दीपिका ने अपने प्रशंसकों को बताया कि इस बार की सर्जरी उनके लिए शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से काफी कठिन थी। उन्होंने साझा किया कि होश में आने के तुरंत बाद उन्हें जिस दर्द का सामना करना पड़ा, उसने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया था। दीपिका के अनुसार, ‘जब मुझे होश आया तो आधे घंटे तक दर्द इतना तीव्र था कि मैं उसे सहन नहीं कर पा रही थी। उस स्थिति में डॉक्टर तुरंत भारी दवाएं भी नहीं दे सकते थे।’ रिकवरी के इस शुरुआती फेज ने उन्हें बहुत भावुक कर दिया, क्योंकि दर्द की तीव्रता उम्मीद से कहीं अधिक थी।

नर्वसनेस और एंग्जायटी से जूझना

मेडिकल प्रोसीजर से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए दीपिका ने बताया कि वह बेहद नर्वस थीं और एंग्जायटी के कारण लगातार रो रही थीं। उन्होंने डॉक्टरों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी टीम ने उन्हें शांत करने के लिए हर संभव प्रयास किया। दीपिका ने स्पष्ट किया कि इस बार उनकी प्रक्रिया पारंपरिक ऑपरेशन थिएटर के बजाय सिटी रूम में हुई।

क्या है RFA प्रोसीजर?

दीपिका ने अपनी बीमारी के तकनीकी पहलुओं पर रोशनी डालते हुए बताया कि डॉक्टरों ने रेडियो फ्रिक्वेंसी एब्लेशन नाम की तकनीक का इस्तेमाल किया। इस प्रक्रिया में सिस्ट को जलाकर नष्ट कर दिया जाता है। उन्होंने राहत की सांस लेते हुए कहा, ‘सौभाग्य से सिस्ट का आकार केवल 1.3 सेंटीमीटर था, इसलिए इसे इस तकनीक से हटाना संभव हो सका। अगर यह आकार में बड़ा होता तो प्रक्रिया और अधिक जटिल और जोखिम भरी हो सकती थी। भगवान का शुक्र है कि हमें सही समय पर इसका पता चल गया और मैं तीन दिन में सुरक्षित घर वापस आ गई।’

रिकवरी का फेज और भविष्य की सावधानी

हालांकि दीपिका अब घर पर हैं, लेकिन उनकी मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। उन्होंने बताया कि जलने के कारण हुए घाव के ठीक होने की प्रक्रिया जारी है, जिससे उन्हें हिलने-डुलने में भी काफी तकलीफ हो रही है। उन्होंने कहा, ‘दर्द अब भी है, लेकिन इसका स्वरूप बदल गया है। जैसे-जैसे अंदरूनी घाव भरता है, दर्द का अहसास अलग होता है। मुझे अभी बहुत आराम की जरूरत है।’

प्रशंसकों के प्यार ने दी हिम्मत

वीडियो के अंत में दीपिका अपने प्रशंसकों का जिक्र करते हुए बेहद भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि उनके फॉलोअर्स के कमेंट्स और दुआएं ही उनकी असली ताकत हैं। वो आगे कहती हैं, ‘जब लोग कहते हैं कि आप बहुत स्ट्रॉन्ग हो या रूहान की मम्मी जल्दी ठीक हो जाएंगी तो उन शब्दों से मुझे जो हिम्मत मिलती है, उसे बयान करना मुश्किल है। आप सभी का साथ मेरे लिए अनमोल है।’

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