
धर्मेंद्र, हेमा मालिनी।
हिंदी सिनेमा के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र भले ही इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन अपने फैंस के दिलों में वह आज भी जिंदा हैं। उन्होंने 24 नवंबर 2025 को हमेशा-हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया। धर्मेंद्र को इस दुनिया से जाने के बाद भी लगातार सम्मान दिया जारहा है। कुछ महीने पहले ही उन्हें BAFTA 2026 में याद किया गया, लेकिन ऑस्कर 2026 में दिग्गज दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि नहीं दी गई। अमेरिका के लॉस एंजिल्स में 98वें ऑस्कर का आयोजिन हुआ, जिसमें हॉलीवुड की कई दिग्गज हस्तियों ने एकेडमी अवॉर्ड जीता। इस सेरेमनी के एक खास सेगमेंट ‘इन मेमोरियम’ में उन कलाकारों को याद किया जाता है, जिन्होंने सिनेमा की दुनिया में खास योगदान दिया है। लेकिन, इस सेगमेंट में धर्मेंद्र को याद नहीं किया गया, जिस पर धर्मेंद्र के फैंस का तो गुस्सा फूटा ही साथ ही हेमा मालिनी ने भी निराशा जाहिर की है।
ऑस्कर 2026 में धर्मेंद्र को नहीं दी गई श्रद्धांजलि
BAFTA 2026 के बाद धर्मेंद्र के फैंस को उम्मीद थी कि ऑस्कर के इन मेमोरियम सेगमेंट में भी लेजेंड्री अभिनेता को श्रद्धांजलि दी जाएगी। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ, जिस पर ही-मैन के फैंस का गुस्सा फूट पड़ा। दिवंगत अभिनेता मनोज कुमार जैसे अन्य भारतीय दिग्गजों के साथ उनका नाम वेबसाइट पर जोड़ा गया, लेकिन ऐसा लगता है कि यह सब बहुत देर से हुआ। अब धर्मेंद्र की पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने भी इस पर रिएक्शन दिया है।
धर्मेंद्र को ऑस्कर में श्रद्धांजलि न दिए जाने पर हेमा मालिनी का रिएक्शन
हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए हेमा मालिनी ने इस पूरे मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- ‘धर्म जी को व्यक्तिगत रूप से इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता था! उनके लिए उनके प्रशंसकों का प्यार सबसे ऊपर था। मैं सभी की चिंता को समझ सकती हूं और आज भी उन्हें इतने स्नेह से याद करने के लिए धन्यवाद देती हूं। उनके प्रति लोगों का प्यार और सम्मान हमारे लिए बहुत मायने रखता है। हालांकि, ऑस्कर समारोह में धरम जी का नाम जरूर लिया जाना चाहिए था।’
शत्रुघ्न सिन्हा ने की आलोचना
शत्रुघ्न सिन्हा ने भी वैरायटी इंडिया से बात करते हुए ऑस्कर 2026 में धर्मेद्र को श्रद्धांजलि न दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इस मामले पर रिएक्ट करते हुए कहा- ‘धर्मेंद्र जी हम सबके दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे। हम भारतीयों को आखिर ऑस्कर की कोई मुहर या मंजूरी की जरूरत क्यों है? अगर एकेडमी की ओर से दिलीप कुमार, लता मंगेशकर या धर्मेंद्र जैसे महान कलाकारों को श्रद्धांजलि या सम्मान नहीं दिया जाता तो ये उनके लिए शर्म की बात है, हमारे लिए नहीं। हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।’
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