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KSBKBT 2 Twist: तुलसी का बिखर जाएगा खुशियों का संसार, विरानी के लिए रणविजय और गौतम बने राहु-केतु

KSBKBT 2 Twist: तुलसी का बिखर जाएगा खुशियों का संसार, विरानी के लिए रणविजय और गौतम बने राहु-केतु

Image Source : SCREEN GRAB FROM JIOHOTSTAR
तुलसी

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के अपकमिंग एपिसोड की शुरुआत में पूरा विरानी परिवार परी और रणविजय के तलाक के केस के लिए कोर्ट में दिखाई देता है। हेमंत कोर्ट में सबूत पेश करता है और दलील देता है कि दोनों अब साथ नहीं रह सकते और उन्हें जल्द से जल्द तलाक चाहिए। गौतम भी इस बात से सहमत होते नजर आने वाला है। हालांकि, वह यह भी कहता है कि परिवार को रणविजय को पैसे देने चाहिए ताकि तलाक के बाद उसे पैसों की दिक्कत न हो। मिहिर पूरी तरह सहमत होता है और कहता है कि जब तक उसकी बेटी बड़ी नहीं हो जाती है। वह कुछ भी देने को तैयार है।

तुलसी का दुश्मन बना बेटा गौतम

कोर्ट में तुलसी का बेटा गौतम, जो अब उनका दुश्मन बन गया है। वह जोर देता है कि बेटी की कस्टडी रणविजय को दी जाए क्योंकि वह उसकी ठीक से देखभाल कर पाएगा। हालांकि, परी इस बात का विरोध करती है और कहती है कि वह उससे उतना प्यार नहीं करता जितना वह करती है और वह उसकी ठीक से देखभाल नहीं कर पाएगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद जज कहते हैं कि हम थोड़ी देर का ब्रेक लेंगे और फाइनल फैसले के साथ वापस आएंगे। इस बीच परी और तुलसी इस मामले पर बात करते हैं। परी बताती है कि रणविजय उनके साथ यह सब क्यों कर रहा है और उसे गरिमा की कस्टडी मांगने का हक कैसे मिला।

परी पर टूटा दुखों का पहाड़

जज वापस आते हैं और कहते हैं कि एक बच्चे को अपनी जिंदगी में दोनों माता-पिता की जरूरत होती है। हालांकि, वह कहते हैं कि रणविजय का पक्ष ज्यादा मजबूत है। वह घोषणा करते हैं कि रणविजय को गरिमा की कस्टडी मिलेगी और विरानी परिवार को तलाक के मुआवजे के तौर पर उसे अपने हिस्से का आधा देना होगा। गौतम और रणविजय अपनी जीत का जश्न मनाते हैं, जबकि परी कोर्ट में टूट जाती है।

तुलसी और गौतम में होगी भिड़ंत

जैसे ही कोर्ट का काम खत्म होने लगता है। तुलसी अपने बेटे के पास जाती है और उससे पूछती है कि उसने क्या किया है। वह कहती है कि रणविजय धोखेबाज और जालिम है फिर भी गौतम ने हर बात में उसका साथ दिया। गौतम उससे भेदभाव बंद करने के लिए कहता है और याद दिलाता है कि वह अपने बच्चों के बीच कैसे भेदभाव करती थी। तुलसी कहती है कि उसके सभी बच्चे उसके लिए बराबर हैं और वह उन सभी से प्यार करती है। हालांकि, गौतम उसकी कोई भी बात सुनने से मना कर देता है। वह उससे कहता है कि उन्हें यह सब बंद करना होगा। रणविजय तुलसी को ताना मारने के लिए बीच में आता है। हालांकि, गौतम उसे खींचकर दूर ले जाता है। पीछे नोइना केस के फैसले का जश्न मनाती दिखती है क्योंकि इसका मतलब है कि तुलसी साड़ी के ऑर्डर से डिस्ट्रैक्ट रहेगी।

नोइना की साजिश में फंसा तुलसी का बेटा गौतम

गौतम और रणविजय कोर्ट से निकल जाते हैं क्योंकि गौतम को US वापस जाने की फ्लाइट पकड़नी है। रणविजय उसे एयरपोर्ट पर छोड़ते नजर आने वाला है और विरानी परिवार को दुख पहुंचाने के लिए उसे धन्यवाद देता है। गौतम उससे कहता है कि उसने सब कुछ अपने लिए किया और रणविजय को सोचना चाहिए कि वह उन शेयरों का क्या करेगा जो मिहिर उसे ट्रांसफर करेगा। वे एयरपोर्ट पहुंचते हैं, लेकिन गौतम के अंदर जाने से पहले नोइना आकर उसे रोक देती है। वह केस जीतने और तुलसी को दुख पहुंचाने के लिए उसे धन्यवाद देती है। गौतम उससे कहता है कि उसने उसके लिए कुछ नहीं किया और वह परिवार के साथ जो भी बुरा कर रही है। उसमें वह उसका साथ देता है।

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