digital products downloads

कौन थे आर बी चौधरी? विजय को ‘मास सुपरस्टार’ बनाने में थी अहम भूमिका

कौन थे आर बी चौधरी? विजय को ‘मास सुपरस्टार’ बनाने में थी अहम भूमिका

आरबी चौधरी तमिल सिनेमा के सिर्फ एक सफल निर्माता ही नहीं थे, बल्कि फिल्मी दुनिया के सबसे भरोसेमंद नामों में से एक बन चुके थे। ऐसे में उनके निधन से पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। 5 मई को जोधपुर में एक दुखद कार दुर्घटना में उनकी अचानक मृत्यु हो गई, जिससे फिल्म जगत गहरे सदमे में है। उनका पार्थिव देह आज चेन्नई लाया जा रहा है। आरबी चौधरी की टीम ने एक पोस्ट साझा करते हुए इस दिल दहला देने वाली खबर की पुष्टि की है। राजस्थान में रतनलाल भगचंद चौधरी के रूप में जन्मे आरबी चौधरी हमेशा से फिल्मी दुनिया का हिस्सा नहीं थे। सिनेमा में आने से पहले तक वह एक सफल व्यवसायी के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने ज्वेलरी, लोहा निर्माण और निर्यात व्यवसायों में काम किया और फिर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई।

आर बी चौधरी की फिल्में

निर्माता के रूप में आरबी चौधरी का सफर 1988 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘आदि पापम’ से शुरू हुआ। इसके बाद, उन्होंने ‘लयनम’ और ‘कल्पना हाउस’ जैसी फिल्मों के जरिए धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई। लेकिन, विक्रम की फिल्म ‘पुधु वसंतम’ ने उनके करियर को सही मायने में बदल दिया। इस फिल्म की सफलता ने उन्हें तमिल फिल्म निर्माताओं की लाइन में आगे लाकर खड़ा किया।

कई शानदार फिल्मों का किया निर्माण

आरबी चौधरी ने अपने प्रोडक्शन हाउस ‘सुपर गुड फिल्म्स’ बैनर तले कई यादगार कमर्शियल फिल्मों का निर्माण किया। चौधरी ने ‘चेरन पांडियन’, ‘नट्टमई’, ‘पूवे उनाक्कागा’, ‘लव टुडे’, ‘सूर्यवंशम’, ‘थुल्लाधा मनमम थुल्लम’, ‘आनंदम’, ‘नी वरुवाई एना’ और ‘तिरुपाची’ जैसी फिल्मों का समर्थन किया। इनमें से कई फिल्में दर्शकों से गहराई से जुड़ीं और इनमें शामिल अभिनेताओं के लिए यादगार फिल्में बन गईं। उनका करियर लगभग चार दशकों तक फैला रहा।

विजय के स्टारडम में आरबी चौधरी की बहुत बड़ी भूमिका थी

साउथ सुपरस्टार थलापति विजय को मास स्टार बनाने में भी आरबी चौधरी की अहम भूमिका मानी जाती है। उनकी फिल्मों ने कई कलाकारों के करियर को संवारने में अहम योगदान दिया। ‘नट्टामई’ ने आर सरथकुमार की एक जननायक के रूप में छवि को मजबूत किया, वहीं ‘पूवे उनाक्कागा’ विजय के स्टारडम की ओर बढ़ते सफर में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। बाद में, ‘तिरुपाची’ ने दर्शकों के बीच विजय की व्यावसायिक हीरो की छवि को और भी मजबूत कर दिया।

आरबी चौधरी की 100वीं फिल्म अधूरी रह गई

वर्तमान समय में भी चौधरी सिनेमा जगत में सक्रिय थे और इन दिनों अपनी 100वीं फिल्म को लेकर चर्चा में थे। उनके प्रोडक्शन हाउस ने वदिवेलु और फहद फासिल अभिनीत फिल्म ‘मारीसन’ और ‘मगुडम’ जैसी फिल्मों को लगातार समर्थन दिया। खबरों के मुताबिक, वे अपनी 100वीं फिल्म की तैयारी भी कर रहे थे, जो अब अधूरी रह गई है। उनके परिवार की बात करें तो उनके बेटे, जीवा और जिथन रमेश, दोनों ने तमिल सिनेमा में अभिनेता के रूप में प्रवेश किया और सुपर गुड फिल्म्स से जुड़े रहे।

ये भी पढ़ेंः ‘वो रहने वाली महलों की’ की रानी याद है? मां बनने को तरसीं रीना कपूर, 2 बार कंसीव करके भी सूनी रह गई गोद

6 फुट 3 इंच लंबा स्टारकिड, नहीं बनना चाहता एक्टर-डायरेक्टर, ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है लक्ष्य, छोड़ा भारत

Latest Bollywood News

Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt

This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited

Source link

Doonited Donation and Advertisement

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand News Doonited
Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Instagram
WhatsApp