
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी और एक्ट्रेस लीना मारिया पॉलोस के ₹200 करोड़ की जबरन वसूली के मामले पर सुनवाई की। सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने ED द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक्ट्रेस लीना पॉलोस को जमानत दे दी। हालांकि लीना पॉलोस को अभी जेल से छुट्टी नहीं मिलने वाली है। उन्हें अभी भी जेल में ही रहना पड़ेगा, क्योंकि कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) द्वारा महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत दर्ज एक संबंधित मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।
इस केस में नहीं मिली लीना पलोस को जमानत
जस्टिस प्रतीक जालान ने पॉलोस की दो मामलों में दायर जमानत याचिकाओं पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि मैंने MCOCA के तहत मामले में जमानत याचिका खारिज कर दी है। दूसरे मनी लॉन्ड्रिंग मामले सिर्फ उन्हें जमानत की मंजूरी दी गई है। दरअसल दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया था कि पॉलोस के पति चंद्रशेखर ने रैनबैक्सी के पुराने प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये ठगे थे।
फर्जी अफसर बनकर सुकेश ने मांगी थी घूस
सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने खुद को लॉ मिनिस्ट्री का ऑफिसर बताया था और कहा गया कि दोनों महिलाओं ने अपने पतियों को बेल दिलाने के लिए सुकेश चंद्रशेखर को कई करोड़ रुपये दिए। लीना पॉलोस पर भी इस कथित जुर्म में शामिल होने का आरोप था और उसे 2021 में एक्सटॉर्शन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 2024 में फाइल की गई पिटीशन में लीना पॉलोस ने ट्रायल में देरी, 3 साल से ज्यादा समय से जेल में रहने और दूसरे सह-आरोपियों को बेल मिलने के आधार पर बेल मांगी थी।
लीना पलोस पर कई धाराओं में दर्ज हैं केस
EOW ने लीना पॉलोस के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC) के सेक्शन 170, 186, 384, 386, 388, 419, 420, 406, 409, 420, 468, 471, 353, 506, 120B, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के सेक्शन 66D और महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट, 1999 के सेक्शन 3 और 4 के तहत चार्जशीट फाइल की थी। ED ने भी इससे जुड़ा एक मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज किया था, जिसमें लीना पॉलोस, उसके पति सुकेश चंद्रशेखर और दूसरों पर शेल कंपनियां बनाने और क्राइम से कमाए गए पैसे को वहां रखने के लिए हवाला रूट का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था।
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