
तमिलनाडु की सियासत में आज थलापति विजय का नाम एक आंधी की तरह गूंज रहा है। 100 से अधिक सीटों पर उनकी पार्टी TVK की बढ़त ने यह तो साफ कर दिया है कि जनता ने उन्हें ‘जननायक’ मान लिया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सत्ता के इस ऊंचे शिखर तक पहुंचने के लिए विजय ने किन कांटों भरे रास्तों को पार किया है? पर्दे पर अपराजेय दिखने वाले विजय असल जिंदगी में एक साथ कई मोर्चों पर लड़ रहे हैं, कहीं सरकारी जांच एजेंसियों का शिकंजा है तो कहीं टूटते रिश्तों का दर्द। उनकी इस महा-विजय के पीछे कई ऐसे विवाद छिपे हैं, जिन्होंने समय-समय पर उनकी साख को चुनौती दी है।
‘जन नायकन’ की रिलीज और कानूनी अड़चनें
विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब इसके राजनीतिक संवादों और कुछ दृश्यों पर सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि विजय इस फिल्म का इस्तेमाल पूरी तरह से अपने राजनीतिक प्रोपेगेंडा के लिए कर रहे हैं। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर भी फिल्म जगत और वितरकों के साथ लंबी कानूनी खींचतान चली, जिससे विजय के करोड़ों रुपये दांव पर लग गए थे।
ED का शिकंजा और आयकर छापेमारी
विजय की राह में सबसे बड़ा रोड़ा तब आया जब प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग ने उन पर शिकंजा कसा। 2020 में उनकी फिल्म ‘बिगिल’ की सफलता के बाद उनके ठिकानों पर हुई छापेमारी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। उन पर टैक्स चोरी और विदेशी फंडिंग के गंभीर आरोप लगे। हालांकि विजय ने हमेशा इन जांचों को राजनीति से प्रेरित बताया, लेकिन इन कानूनी पचड़ों ने उनके करियर की रफ्तार पर कई बार ब्रेक लगाया। ये मामला चुनाव से पहले काफी ज्यादा गरमा गया।
राजनीतिक रैली में मची भगदड़
विजय की लोकप्रियता ही उनके लिए मुसीबत का सबब भी बनी। उनकी एक बड़ी राजनीतिक रैली के दौरान क्षमता से अधिक भीड़ उमड़ पड़ी, जिसके कारण वहां भगदड़ मच गई। इस हादसे में कई समर्थक घायल हुए और कुछ की जान भी गई। इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने विजय की संगठन क्षमता पर सवाल उठाए और उन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराने की मांग की।
पत्नी संगीता से तलाक
विजय की निजी जिंदगी उस वक्त चर्चा में आई जब उनकी पत्नी संगीता सोरलिंगम के साथ उनके अलगाव की खबरें उड़ीं। लंबे समय तक दोनों को सार्वजनिक रूप से साथ नहीं देखा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार उनके बीच तलाक की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। संगीता का विजय की महत्वपूर्ण रैलियों और फिल्म लॉन्च से गायब रहना इन चर्चाओं को और बल देता रहा, जिसने विजय की आदर्श पारिवारिक व्यक्ति वाली छवि को ठेस पहुंचाई।
एक्ट्रेस तृषा कृष्णन संग नाम जुड़ना
विवादों की लिस्ट में विजय का नाम उनकी सह-कलाकार तृषा कृष्णन के साथ भी जोड़ा गया। फिल्म ‘लियो’ के बाद दोनों के बीच बढ़ती नजदीकियों की अफवाहों ने सोशल मीडिया पर खूब आग पकड़ी। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यही उनके पारिवारिक कलेश की मुख्य वजह भी रही। हालांकि दोनों सितारों ने कभी इन खबरों पर खुलकर बात नहीं की, लेकिन ट्रोलर्स और राजनीतिक विरोधियों ने इसे विजय के चरित्र पर हमले के रूप में इस्तेमाल किया।
पारिवारिक कलेश और पिता से कानूनी जंग
विजय की राह का सबसे कड़वा सच उनके अपने माता-पिता के साथ विवाद है। विजय ने अपने पिता एसए चंद्रशेखर के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया ताकि वे विजय के नाम पर कोई राजनीतिक दल या संगठन न चला सकें। पिता-पुत्र की यह जंग सार्वजनिक हो गई, जिससे विजय पर अपमानजनक पुत्र होने के आरोप लगे। घर की यह कलह आज भी उनके विरोधियों के लिए एक बड़ा हथियार बनी हुई है।
बेटे ने किया अनफॉलो
पारिवारिक कलेश का मामला यही तक सीमित नहीं है। बेटे जेसन ने भी इन विवादों के बीच अपने पिता को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया। इतनी ही नहीं उन्होंने अपने पिता के नाम का इनीशियल भी अपने नाम से हटा दिया और इसके बाद अपनी मां के नाम के इनीशियल जोड़ लिए।
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