
कंगना रनौत अब अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ को लेकर चर्चा में हैं, जो 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही। लंबे समय से कंगना की कोई फिल्म नहीं आई है, ऐसे में अभिनेत्री के फैंस उनकी इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच कंगना ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में करियर को लेकर बात की और अपने शुरुआती करियर पर अपने रूढ़िवादी परिवार के रिएक्शन का खुलासा किया और बताया कि कैसे शुरुआती समय में उनके माता-पिता उनकी फिल्मों की चॉइस से नाराज थे। खासतौर पर उनकी पहली फिल्म ‘गैंगस्टर’ में उनके बोल्ड सीन देखकर नाराज हो गए थे।
जब कंगना पर बिफर गए माता-पिता
सिद्धार्थ आलमबायन के साथ बातचीत में, कंगना ने ‘गैंगस्टर’ पर अपने माता-पिता के रिएक्शन के बारे में बात की। जब कंगना से पूछा गया कि क्या तारीफें और पुरस्कार उनका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं तो जवाब में कंगना ने बताया कि उनके लिए ये सब बहुत मायने रखता है, क्योंकि वह जिस बैकग्राउंड से आती हैं, उसके कारण ये तारीफें जरूरी हैं। उन्होंने कहा- “अवॉर्ड्स मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं। मैं एक छोटे से गांव से आती हूं और मेरे पेरेंट्स ने हमारी परवरिश कुछ इस तरह की है कि अगर कोई रंगीन अखबार घर आता था, तो उस अखबार के चमकदार बाहरी पन्ने फेंक दिए जाते थे और सिर्फ अंदर के ही पन्ने पढ़े जाते थे। दरअसल, उन बाहरी पन्नों पर अक्सर किसी फिल्मी एक्टर की तस्वीरें होती थीं, जिसके चलते उन्हें सिर्फ धनिया लपेटने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। हमारे घर में उन पन्नों का कोई और इस्तेमाल नहीं था।”
एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव बैकग्राउंड से है परिवार
कंगना रनौत आगे बताती हैं कि उनका परिवार एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव बैकग्राउंड से है, इसलिए उनके घर में बचपन के दिनों में फिल्मों को बहुत सम्मान की नजरों से नहीं देखा जाता था। कंगना ने अपने परिवार के बारे में बात करते हुए कहा- “मेरे दादा जी खादी बोर्ड के निदेशक थे, लगभग आईएएस अधिकारी के समान और मेरे परदादा विधायक थे। मेरा परिवार एकेडमिक बैकग्राउंड से है, इसलिए हमारे घर में रंगीन चीजों को देखना, फिल्में देखना ये सब बुरा माना जाता था। ये 90 के दशक और 2000 के शुरुआती सालों की बात है। इस दौरान फिल्म इंडस्ट्री को अच्छी नजरों से नहीं देखा जाता था। खासकर अंडरवर्ल्ड से सांठगाठ और आपराधिक तत्वों के इंडस्ट्री में एक्टिव होने के चलते इंडस्ट्री की इमेज काफी खराब थी। तब दाऊद से फिल्म इंडस्ट्री के लोगों की सांठगांठ की खबरें आए दिन अखबारों में होती थीं। मेरे माता-पिता यही कहते थे कि पूरी इंडस्ट्री अंडरवर्ल्ड की मुट्ठी में है।”
कंगना के अभिनेत्री बनने के खिलाफ थे माता-पिता
कंगना रनौत बताती हैं कि कैसे सफल फिल्मों के बाद भी उनके माता-पिता हमेशा उनके चुने हुए पेशे यानी एक्टर बनने के फैसले को लेकर संशय में रहते थे। कंगना बताती हैं कि कैसे उन्होंने सफल होने के बाद अपनीं मां को साथ रहने के लिए कहा था। कंगना कहती हैं, “सफल होने के बाद भी मैंने अपनी मां से कहा कि मैं अकेली महसूस करती हूं, तो वे कुछ समय मेरे साथ आकर रह लें। तो उनके पिता ने जवाब में कहा- अब तुम्हें खुद को खोजना होगा क्योंकि ये ऐसा है जैसे तुम किसी किसी समुद्र में कूद गई हो और यहां से तैरकर तुम्हें खुद बाहर निकलना होगा। मेरे पिता मेरे काम से पूरी तरह सहमत नहीं थे, लेकिन वह इस बात को लेकर दिक्कत नहीं थी कि मैं अपने दम पर कुछ करूं।”
गैंगस्टर पर कैसा था माता-पिता का रिएक्शन?
कंगना ने आगे अपनी पहली फिल्म ‘गैंगस्टर’ पर अपने माता-पिता के रिएक्शन के बारे में बात की। कंगना ने कहा- ‘गैंगस्टर देखने के बाद मेरे पिता ने इस पर कोई रिएक्शन नहीं दिया। तो मैंने अपनी मां से पूछा- क्या आपको कुछ समझ आया? आपको मेरी फिल्म कैसी लगी? तो उन्होंने जवाब में कहा- ‘नहीं, तुम हमारे समाज के हिसाब से अभी काफी छोटी हो, तुम अंडरएज हो और उन्होंने तुमसे ऐसे सीन कराए।’ मैंने फिर पूछा- पूरी फिल्म में आपने बस यही देखा? उन्होंने इस फिल्म को किस तरह लिया, ये देखकर मेरा दिल टूट गया था।’
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