
ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो ने अपनी नई भारतीय ऑरिजनल सीरीज ‘राख’ की रिलीज तारीख की आधिकारिक घोषणा कर दी है। सस्पेंस और खोजी पृष्ठभूमि पर आधारित यह डिजिटल सीरीज 12 जून 2026 से वैश्विक स्तर पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी। इस सीरीज का मुख्य फोकस एक संवेदनशील और पेचीदा आपराधिक मामले के साथ-साथ इंसानी दिमाग की परतों और सामाजिक अंधेरे को टटोलना है। ‘पाताल लोक’ जैसी चर्चित सीरीज का हिस्सा रहे प्रोसित रॉय ने इस सीरीज का निर्देशन और एग्जीक्यूटिव प्रोडक्शन संभाला है। वहीं इसकी मूल कहानी को अनुशा नंदकुमार और संदीप साकेत ने तैयार किया है और इसके संवाद आयुष त्रिवेदी द्वारा लिखे गए हैं।
क्या है ‘राख’ की कहानी?
‘राख’ मुख्य रूप से एक सस्पेंस और इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा सीरीज है। कहानी की शुरुआत दो किशोर बच्चों के अचानक और रहस्यमयी तरीके से लापता हो जाने से होती है। इस अप्रत्याशित घटना के बाद एक हंसता-खेलता परिवार बिखर जाता है और पूरे शहर में डर का माहौल बन जाता है। इस उलझे हुए मामले की गुत्थी सुलझाने की जिम्मेदारी एक दृढ़निश्चयी जांच अधिकारी को सौंपी जाती है। बच्चों का सुराग लगाने के लिए वह देशव्यापी तलाश अभियान शुरू करता है। हालांकि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, यह मामला केवल एक गुमशुदगी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अधिकारी को अपराध, हिंसा और मानवीय क्रूरता के एक बेहद खौफनाक दलदल के मुहाने पर लाकर खड़ा कर देता है, जहाँ सही और गलत के बीच का अंतर मिटने लगता है।
अली फजल, सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर निभा रहे हैं मुख्य भूमिकाएं
इस खोजी ड्रामा में दर्शकों को कलाकारों की एक मजबूत टोली देखने को मिलेगी। सीरीज में अभिनेता अली फजल एक ऐसे पुलिस अधिकारी की मुख्य भूमिका में नजर आएंगे, जो केस की संजीदगी और मानसिक दबाव के बीच खुद को फंसा हुआ पाता है। वहीं, लंबे समय बाद डिजिटल स्पेस में सक्रिय हुईं अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे और मंझे हुए कलाकार आमिर बशीर इस कहानी में अहम किरदार निभा रहे हैं। मेकर्स के अनुसार, इन दोनों कलाकारों के किरदार कहानी में भावनात्मक गहराई और तीव्रता लाने का काम करते हैं। बानीजे एशिया, एंडेमोल शाइन इंडिया और भाडिपा (भारतीय डिजिटल पार्टी) के सहयोग से दीपक धर, ऋषि नेगी, मृणालिनी जैन और श्याम राठी ने मिलकर इस सीरीज का निर्माण किया है।
अपराध के साथ मानसिक आघात पर भी केंद्रित है सीरीज
आमतौर पर बनने वाले घिसे-पिटे क्राइम थ्रिलर्स से अलग ‘राख’ का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधी को पकड़ना दिखाना नहीं है। निर्देशक प्रोसित रॉय के मुताबिक इस सीरीज में एक रोमांचक तलाश अभियान के समानांतर, अपराध के बाद पीड़ितों और जांचकर्ताओं पर पड़ने वाले मेंटल ट्रॉमा और नैतिकता की उलझनों को भी बिना किसी झिझक के पर्दे पर उतारने का प्रयास किया गया है। यह सीरीज कानूनी न्याय के साथ-साथ कर्तव्य के कारण इंसानी दिमाग पर पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक प्रभावों को खंगालती है। प्राइम वीडियो की इस सीरीज को भारत सहित दुनिया के 240 से अधिक देशों और क्षेत्रों में एक साथ प्रसारित करने जा रहा है। सस्पेंस, थ्रिलर और खोजी कहानियों को पसंद करने वाले दर्शकों के लिए ये एक अच्छा अनुभव हो सकती है।
Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt
This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited
