‘मां है ना’ को मिला पहला चैंपियन, गुल्लू ने उठाई विनर की ट्रॉफी, जीता विदेश यात्रा की टिकट

‘मां है ना’ को मिला पहला चैंपियन, गुल्लू ने उठाई विनर की ट्रॉफी, जीता विदेश यात्रा की टिकट

कई हफ्तों तक चले दिल को छू लेने वाले पलों, रोमांचक कुकिंग चैलेंज और मां-बच्चों के बीच के अटूट रिश्ते का जश्न मनाने के बाद Zee5 के मशहूर रियलिटी शो ‘मां है ना’ को अपना पहला चैंपियन मिल गया है। शो के ग्रैंड फिनाले में गुल्लू उर्फ कुशल तंवर ने बाजी मारते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने ‘मां है ना’ सीजन 1 की चमचमाती ट्रॉफी उठाने के साथ-साथ अपनी मां के साथ काहिरा की एक बेहद खास ट्रिप भी जीती है।

पनीर टिक्का और जलेबी के चैलेंज ने तय की जीत की राह

ग्रैंड फिनाले के मुकाबले को बेहद दिलचस्प और कड़ा बनाया गया था। फाइनलिस्ट कंटेस्टेंट्स को पनीर टिक्का, पराठा और जलेबी का एक पूरा थ्री-कोर्स मील तैयार करने का चुनौतीपूर्ण टास्क दिया गया। इस टास्क के जरिए मां-बेटे के कुकिंग स्किल्स और आपसी टीमवर्क की कड़ी परीक्षा ली गई। जब शो की होस्ट और बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने गुल्लू और उनकी मां द्वारा बनाई गई डिशेज को चखा तो वह उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह सकीं। शिल्पा ने खाने को जबरदस्त बताते हुए कहा, ‘देखने में अच्छा, स्वाद में अच्छा और सुनने में भी अच्छा।’ शिल्पा शेट्टी की इस शानदार प्रतिक्रिया ने फिनाले के माहौल को और भी यादगार बना दिया और यहीं से गुल्लू की जीत की राह पक्की हो गई।

गुल्लू के रियलिटी शो के सफर में जुड़ी एक और बड़ी कामयाबी

यह शानदार जीत गुल्लू के करियर के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है, जिसने उनके रियलिटी शो के कामयाब सफर में ‘मां है ना’ का नाम भी जोड़ दिया है। इस पूरे कॉम्पिटिशन के दौरान जहां कंटेस्टेंट्स को कठिन कुकिंग टास्क, इमोशनल पलों और आपसी तालमेल के दौर से गुजरना पड़ा, वहीं गुल्लू और उनकी मां के निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन, जज्बे और सच्चे पारिवारिक जुड़ाव ने उन्हें शो का पहला विनर बना दिया।

जीत के बाद भावुक हुए गुल्लू, मां के साथ संजोई यादें

ट्रॉफी जीतने के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए गुल्लू ने कहा, ”मां है ना’ का पहला सीजन जीतना किसी सपने के सच होने जैसा है। लेकिन जो बात इस जीत को मेरे लिए सबसे खास बनाती है, वह यह है कि मुझे इसका हर पल अपनी मां के साथ जीने का मौका मिला। यह सफर सिर्फ चुनौतियों को पार करने का नहीं था, बल्कि यह उस बिना शर्त प्यार और कुर्बानियों का जश्न मनाने के बारे में था जो एक मां हर दिन अपने बच्चों के लिए देती है। हर टास्क ने हमें कुछ नया सिखाया और मेरी हर जीत तब तक अधूरी थी, जब तक मैं उसे अपनी मां के साथ शेयर न कर लूं। ट्रॉफी घर ले जाना एक शानदार एहसास है, लेकिन हमारे लिए सबसे बड़ा इनाम वे यादें हैं जिन्हें हम हमेशा अपने दिल में संजोकर रखेंगे। अब अपनी मां के साथ काहिरा की ट्रिप पर जाकर इस कामयाबी का जश्न मनाना मेरे लिए इस सफर को और भी खुशनुमा बनाता है। मैं उन सभी फैंस का दिल से शुक्रगुजार हूं जिन्होंने हम पर भरोसा किया और इतना प्यार दिया।’

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