
नब्बे के दशक का भारतीय संगीत एक ऐसा जादुई गलियारा है, जहां पहुंचते ही मन सादगी और प्रेम के अहसासों से भर जाता है। उस दौर के गानों की सबसे बड़ी विशेषता उनके अर्थपूर्ण बोल, रूहानी आवाजें और मधुर संगीत था, जो सुनने वालों को भावनाओं के एक अलग ही संसार में ले जाता था। आज के शोर-शराबे और तेज बीट्स वाले संगीत के बीच, पुरानी धुनों में वह ठहराव मिलता है जिसकी तलाश हर संगीत प्रेमी को रहती है। यही कारण है कि आज की नई पीढ़ी, जिसे हम ‘जेनजी’ कहते हैं, वह भी इन सदाबहार तरानों की उतनी ही दीवानी है जितने उस दौर के लोग हुआ करते थे। इन गानों में एक ऐसी सच्चाई और मासूमियत बसी है, जो वक्त के साथ धुंधली होने के बजाय और भी निखरती जा रही है।
एक अमर प्रेम कहानी की धुन
साल 1991 में एक ऐसा गीत आया जिसने भारतीय सिनेमा के रोमांटिक गानों की परिभाषा को नए सिरे से परिभाषित किया। फिल्म ‘लव’ का गाना ‘साथिया तूने क्या किया’ आज भी प्रेम की अभिव्यक्ति का सबसे सुंदर जरिया माना जाता है। इस गाने को महान गायक एसपी बालासुब्रमण्यम और केएस चित्रा ने अपनी आवाज़ों से सजाया था। बालासुब्रमण्यम की आवाज़ की गहराई और चित्रा की गायकी की मिठास ने मिलकर एक ऐसा जादू रचा, जो तीन दशकों के बाद भी सुनने वालों को रोमांचित कर देता है। गाने की शुरुआत की वह मधुर धुन आज भी कानों में पड़ते ही एक अलग ही सुकून का अहसास कराती है।
मजरूह सुल्तानपुरी की लेखनी और आनंद-मिलिंद का संगीत
इस क्लासिक गीत की सफलता के पीछे दिग्गजों की मेहनत और कला छिपी थी। मशहूर संगीतकार जोड़ी आनंद-मिलिंद ने इसे एक ऐसी मेलोडी दी जो कभी पुरानी नहीं लगती। वहीं, महान गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी के लिखे बोलों ने इसमें जान फूंक दी। गाने के शब्दों में प्यार का इंतजार, मिलन की तड़प और भावनाओं की जो गहराई बयां की गई है, वह सुनने वाले को सीधे दिल से जोड़ती है। इसकी सादगी ही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनी। रिलीज होते ही यह गाना हर प्रेमी जोड़े की पसंद बन गया और रेडियो से लेकर हर घर के टेप रिकॉर्डर पर गूँजने लगा। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी यूट्यूब और सोशल मीडिया पर इस गाने को करोड़ों बार सुना जाता है।
फिल्म ‘लव’ और सलमान-रेवती की केमिस्ट्री
इस गाने ने फिल्म ‘लव’ को भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज करवा दिया। सुरेश कृष्णा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान और दक्षिण भारतीय फिल्मों की दिग्गज अभिनेत्री रेवती मुख्य भूमिकाओं में थे। दिलचस्प बात यह है कि यह फिल्म रेवती की हिंदी सिनेमा में पहली फिल्म यानी डेब्यू थी। अगर व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखें तो लगभग 2 करोड़ 30 लाख रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 2 करोड़ 37 लाख रुपये का कारोबार किया था। फिल्म भले ही औसत रही हो, लेकिन इसकी संगीत यात्रा असाधारण साबित हुई।
ये भी पढ़ें: यदि आपको परफेक्ट हॉरर फिल्म देखनी ही है, तो फिर ये वाली देखिए, IMDb पर भी 8.8 है रेटिंग
Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt
This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited






