
80 और 90 का दशक टीवी इंडस्ट्री के लिए गोल्डन पीरियड साबित हुआ, इस दौर में आए टीवी शोज ने न सिर्फ लोगों का मनोरंजन किया, बल्कि दर्शकों के दिल और दिमाग पर भी प्रभाव डाला। इस दौर में आए माइथोलॉजिकल शोज ने लोगों के दिल जीत लिए और आज तक इनकी अमिट छाप धुंधली नहीं पड़ी। रामानंद सागर ने रामायण के अलावा भी कई ऐतिहासिक टीवी शोज दिए, जिसमें से एक सभी का पसंदीदा ‘श्री कृष्णा’ है। इस शो के सभी किरदार काफी पॉपुलर हुए। लोगों को इस के कान्हा के साथ ही राधा भी काफी पसंद आईं। दोनों की जोड़ी ने लोगों का दिल जीत लिया था। राधा की खूबसूरती के लोग मुरीद हो गए थे और उनकी एक मुस्कान की झलक पाने का इंतजार किया करते थे। अब सालों बाद इस शो में राधा का रोल निभाने वाली एक्ट्रेस कहां हैं और क्या कर रही हैं, उनकी जिंदगी अब कितना बदल गई है, ये आपको बताएंगे।
कौन थीं श्री कृष्णा की राधा
रामानंद सागर के पौराणिक धारावाहिक ‘श्रीकृष्णा’ में राधा की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री का नाम रेशमा मोदी है। 90 के दशक में उनकी सादगी और मोहक मुस्कान ने करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया था। उस दौर में रेशमा मोदी की लोकप्रियता इस कदर थी कि लोग उन्हें वास्तव में देवी राधा का रूप मानकर पूजने लगे थे। हालांकि समय के साथ वे ग्लैमर की इस चकाचौंध से दूर हो गईं, लेकिन आज भी उनके चाहने वाले उन्हें उसी श्रद्धा के साथ याद करते हैं। रेशमा मोदी का जन्म वर्ष 1964 में मुंबई में हुआ था। उनके माता-पिता अपने-अपने क्षेत्र के दिग्गज रहे, जहां उनकी मां पेशे से एक फेमस डॉक्टर थीं, वहीं उनके पिता जॉनसन एंड जॉनसन जैसी बड़ी कंपनी में बड़ी पोजिशन पर काम करते थे।
क्या है रेश्मा और रवीना का रिश्ता?
अभिनय के प्रति रेशमा की रुचि उन्हें विदेशों तक ले गई, जहां उन्होंने लंदन से एक्टिंग का कोर्स पूरा किया। भारत लौटने के बाद उन्होंने मुंबई के प्रसिद्ध रोशन तनेजा स्कूल से अभिनय की बारीकियों को सीखा। बहुत कम लोग जानते हैं कि रेशमा का बॉलीवुड से गहरा नाता है, वे मशहूर अभिनेत्री रवीना टंडन की फुफेरी बहन हैं। रवीना के पिता और प्रसिद्ध निर्देशक रवि टंडन रेशमा की मां के भाई थे, यानी रेश्मा के मामा थे। इसी लिहाज से रेश्मा और रवीना टंडन के बीच खून का रिश्ता है।
अभिनय यात्रा और राधा के रूप में पहचान
रेशमा ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत दूरदर्शन के धारावाहिक ‘गुल गुलशन गुलफाम’ से की थी। दिलचस्प बात यह है कि इस सीरियल के पहले ही एपिसोड के बाद उनकी प्रतिभा को पहचान लिया गया और उन्हें ‘श्रीकृष्णा’ में राधा के मुख्य किरदार का प्रस्ताव मिला। वर्ष 1993 में जब यह धारावाहिक पहली बार प्रसारित हुआ तो रेशमा की लोकप्रियता रातों-रात सातवें आसमान पर पहुंच गई। उनके शांत स्वभाव और दैवीय छवि ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया।
बॉलीवुड में संघर्ष और अन्य फिल्में
टीवी पर बड़ी सफलता पाने के बाद रेशमा ने बॉलीवुड की ओर भी रुख किया। उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में सहायक भूमिकाएं निभाईं, जिनमें आर माधवन और सैफ अली खान की ‘रहना है तेरे दिल में’ और जूही चावला और इरफान खान अभिनीत ‘साढ़े सात फेरे’ शामिल हैं। हालांकि फिल्मों में उन्होंने काफी प्रयास किया, लेकिन उन्हें अपनी बहन रवीना टंडन जैसा बड़ा स्टारडम हासिल नहीं हो सका। धीरे-धीरे वे अभिनय की दुनिया में गुमनाम होती चली गईं।
अब क्या करती हैं रेशमा?
आज करीब तीन दशक बीत जाने के बाद रेशमा मोदी पूरी तरह से बदल चुकी हैं और उन्हें पहली नजर में पहचानना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने प्रसिद्ध लेखक और निर्देशक रमेश मोदी से विवाह किया है और अब वे अपने दो बेटों के साथ एक सुखी जीवन व्यतीत कर रही हैं। वे अब फिल्मी चकाचौंध से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से वे अक्सर अपनी तस्वीरें और रील साझा कर अपने प्रशंसकों से जुड़ी रहती हैं। हाल ही में ओटीटी प्लेट फॉर्म स्टोरी टीवी के एक शो में दिखी थीं, जिसमें उनका बदला अंदाज दिखा। वो एक बार फिर एक्टिंग की दुनिया में वापसी कर चुकी हैं। अब देखने वाली बात होगी कि उनका कमबैक कैसा होगा।
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