
फिल्मी दुनिया के लोगों की जिंदगी जितनी खूबसूरत और हसीन बाहरी लोगों को नजर आती है, असल में उससे उलट होती है। न उतनी चमक होती है और न ही इत्मीनान होता है। तेज रफ्तार जिंदगी, रुपहली दुनिया और बाहरी सुंदरता दिखाने के चक्कर में सितारे कहीं खो जाते हैं। कुछ इस सब में ढल जाते हैं तो वहीं कई ऐसे होते हैं जो बहुत अकेला पन महसूस करते हैं। उन्हें ये जिंदगी नकली, बनावटी और तर्कहीन लगती है। ऐसे में कई बार ये सितारे फिल्मी दुनिया छोड़कर अलग जिंदगी चुन लेते हैं। कुछ देश छोड़ देते हैं, कई बिजनेस करने लगते हैं तो कुछ नौकरियां भी करते हैं, लेकिन चंद ही ऐसे होते हैं, जिनका इस ग्लैमर की दुनिया से इस कदर मोह भंग होता है कि ये धर्म और आध्यात्म की राह पर चल पड़ते हैं। ऐसी ही एक हसीना 90 के दशक में बॉलीवुड में आईं। कभी खूबसूरती से ऐश्वर्या राय को टक्कर देने वाली ये एक्ट्रेस आज सब छोड़कर संन्यासी बन गई हैं और बौद्ध भिक्षु बनकर जिंदगी काट रही हैं।
कौन है ये एक्ट्रेस?
बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया, ग्लैमर, शोहरत और फैंस का प्यार छोड़ पाना आसान नहीं होता। इस जगमगाती दुनिया के बीच भी भीतर की रोशनी तलाश पाना कम ही लोगों के लिए संभन हुआ है और उनमें से एक हैं बरखा मदान। बरखान ने फिल्मी दुनिया को पूरी तरह से अलविदा कह दिया। फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर बरखा धर्म और साधना के रास्ते पर चल पड़ी हैं। कभी रेड कार्पेट और बड़े पर्दे पर रूल करने वाली एक्ट्रेस की जिंदगी आज पूरी तरह बदल गई है। वो जिस रास्ते पर चल रही हैं वो भले ही देखने में आसान हो लेकिन उस पर चल पाना किसी टेढ़ी खीर से कम नहीं है।
मॉडलिंग की दुनिया का फेमस नाम
बरखा की जीवन शुरुआत में ग्लैमर की दुनिया की ओर अट्रैक्ट हुआ। 1994 में उन्होंने मिस इंडिया में हिस्सा लिया, वो शो जीत तो नहीं सकीं, लेकिन उन्हें मिस टूरिज्म इंडिया का खिताब मिला। इसी साल ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन भी इस ब्यूटी पेजेंट का हिस्सा बनीं और तीनों का जलवा रैंप पर एक साथ देखने को मिला। कहा जाता है कि बरखा ने इन दोनों खूबसूरत हसीनाओं को कड़ी टक्कर दी थी। इसके अलावा बरखा इंटरनेशन ब्यूटी पेजेंट में भी हिस्सा लीं और तीसरा स्थान हासिल किया। इसके साथ ही वो फेमस मॉडल बन गईं, जो रैंप पर जितनी कॉन्फिडेंट थीं, उतनी अंदर से नहीं थीं। फिल्मी दुनिया में रहते हुए भी उनका ध्यान पहाड़ी वादियों में भटक रहा था।
फिल्मों और टीवी पर किया काम
मॉडलिंग के बाद उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। 1996 में उन्होंने अक्षय कुमार की फिल्म खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ में काम किया। वो रेखा और रवीना टंडन के साथ नजर आईं। इसके बाद राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘भूत’ में नजर आईं। साल 2003 में आई इस फिल्म में उन्होंने मंजीत का रोल प्ले किया, जिसने लोगों को खूब डराया था। बरखा का करियर यहीं नहीं थमा, उन्होंने टीवी की ओर भी कदम बढ़ाया। ‘न्याय’, ‘1857 क्रांति’ और ‘सात फेरे’ जैसे लोकप्रिय शोज में दमदार रोल निभाए।
अंदर से बदल गईं बरखा
एक ओर बरखा का करियर शिखर पर था, दूसरी ओर उनका मन खुश नहीं था, वो अंदर से टूटा और बिखरा महसूस करती थीं। एक ओर उन्हें सफलता मिल रही थी, लेकिन मन ही मन उनकी बेचैनी बढ़ रही थी। बरखा के मन में एक सवाल बार-बार आता था, ‘क्या सिर्फ यहीं तक है जीवन?’ वो सितारों के बीच घिरी रहकर भी खुद को अकेला पाती थीं। उनके अंदर ऐसा खालीपन पैदा हुआ जिसे न शोहरत से भरा जा सकता था और न ही पैसों से। फिर उन्होंने अपनी अंतर आत्मा की आवाज सुनी और दलाई लामा की शिक्षाओं से प्रभावित हो गईं। उनकी बातों ने इस कदर प्रभावित किया उन्होंने ग्लैमर वर्ल्ड छोड़ दिया और वो बौद्ध धर्म की किताबें पढ़ने लगीं और इसने उन्हें पूरी तरह बदल दिया।
अब कैसी है जिंदगी?
साल 2012 में बरखा मदान ने ऐसा फैसला किया जो किसी के भी बस की बात नहीं है। उन्हें बॉलीवुड को अलविदा कहा और बौद्ध भिक्षु बन गईं। वो हिमाचल की वादियों में जा बसीं। उन्होंने पुरानी पहचान को छोड़कर अपना नाम ग्यालटेन समतेन रख लिया। हिमालय की शांत वादियों में वो अपना ज्यादा वक्त गुजारती हैं। बौद्ध परंपराओं का पालन करते हुए वो साधारण जीवन जीती हैं। रूप रंग का मोह उन्होंने छोड़ दिया है। वो हमेशा मरून चोंगा पहनती है, जैसे बौद्ध मंक पहनते हैं। सोशल मीडिया पर वो काफी एक्टिव हैं। वो कई सेमिनार का हिस्सा बनती हैं और लोगों को बौद्ध धर्म की सीख देती हैं। वो कई बार दलाई लामा से मिल चुकी हैं और अब उनकी ही बातों का प्रचार करती हैं।
ये भी पढ़ें: 1000 एपिसोड से इतिहास रचने वाला 25 साल पुराना TV शो, रोने पर किया मजबूर, एक हफ्ते तक शोक में डूबे थे लोग
Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt
This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited






