
हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी सबसे धाकड़ और बेबाक अभिनेताओं का जिक्र होता है, तो दिवंगत सुपरस्टार राज कुमार (Raaj Kumar) का नाम सबसे ऊपर आता है। अपनी कड़क आवाज, यूनिक स्टाइल और ‘जानी’ डायलॉग से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले राज साहब असल जिंदगी में कैसे थे? इसका एक बेहद चौंकाने वाला और मजेदार खुलासा हुआ है।
इंडिया टीवी (India TV) के पॉपुलर एंटरटेनमेंट शो ‘नथिंग सीरियस’ (Nothing Serious) में होस्ट अर्यमन गौतम के साथ खास बातचीत में देश के दिग्गज फिल्म मेकर के.सी. बोकाड़िया (K.C. Bokadia) ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने राज कुमार साहब की जिंदगी, उनकी फीस और उनके मशहूर डायलॉग ‘जानी’ को लेकर एक ऐसा सच बताया जो आज तक किसी को नहीं पता था।
फिल्म मेकर का बड़ा खुलासा: इंसान नहीं, राज कुमार के कुत्ते का नाम था ‘जानी’!
राज कुमार का डायलॉग “जानी…” आज भी मिमिक्री आर्टिस्ट्स और फैंस की पहली पसंद है। लेकिन बोकाड़िया साहब ने ‘नथिंग सीरियस’ शो में इस ट्रेडमार्क शब्द के पीछे की असली और हैरान कर देने वाली कहानी बताई।
बोकाड़िया साहब ने हंसते हुए कहा:
“राज कुमार जी अपने ही स्टाइल से, अपनी मर्जी के मालिक बनकर काम करते थे। मैंने एक बार उन्हें फोन किया और कहा, ‘राज साहब, नमस्ते, बोकाड़िया बोल रहा हूँ।’ आपको सच बताऊं, उन्होंने मुझे कभी ‘जानी’ नहीं बोला। वो मुझे हमेशा ‘बोकाड़िया साहब’ ही कहते थे। असल सच्चाई यह है कि ‘जानी’ उनके पालतू कुत्ते (Pet Dog) का नाम था! राज साहब की आदत थी कि वो सेट पर या बाहर हर चलते-फिरते आदमी को प्यार से ‘जानी’ बोल दिया करते थे, जो बाद में उनका आइकॉनिक स्टाइल बन गया।”
अमिताभ बच्चन बनाम राज कुमार: क्यों राज साहब के साथ काम करना था सबसे ‘भारी’ काम?
बॉलीवुड के दो महानायकों अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और राज कुमार के काम करने के तरीके की तुलना करते हुए के.सी. बोकाड़िया ने एक बेहद बारीक बात साझा की। उन्होंने बताया कि राज कुमार को संभालना बिग बी से भी ज्यादा मुश्किल काम था।
अमिताभ बच्चन का स्टाइल:
“बच्चन साहब बहुत कैलकुलेटिव (नियम और अनुशासन का पालन करने वाले) इंसान हैं। एक कैलकुलेटिव आदमी को फिल्म का सीन समझाना बहुत आसान होता है क्योंकि वो प्रोफेशनल हैं।”
राज कुमार का स्टाइल:
“राज साहब पूरी तरह से ‘मूडी’ (मूड के राजा) आदमी थे। उनके साथ काम करना उनकी मर्जी की बात थी। हिसाब ऐसा था कि ‘गाय दूध देवे तो देवे, नहीं देवे तो नहीं देवे, चाहे दो दिन न देवे!’ उनके मूड का कोई भरोसा नहीं रहता था।”
फीस का दिलचस्प किस्सा: जब 21 लाख से बढ़कर 25 लाख पर अड़ गए राज कुमार
केसी बोकाड़िया ने उस दौर का एक मजेदार वाकया शेयर किया जब वो राज कुमार जी के पास अपनी फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर गए थे। सीन सुनने के बाद राज साहब ने कहा, “अच्छा है स्टोरी तो, मैं आपको मना थोड़ी करूँगा, पैसे बोलो।”
उस जमाने में 25 लाख रुपये एक बहुत बड़ी रकम हुआ करती थी, लेकिन राज साहब ने अपनी शर्तों पर यह फीस फाइनल करवाई। फीस तय होने के बाद डायरेक्टर बोकाड़िया ने राज साहब के सामने अपनी एक इच्छा रखी। उन्होंने कहा, “आप 25 लाख रुपये लो, लेकिन मेरी एक मदद करनी होगी। कल सुबह फिल्म का मुहूर्त है और मेरी जिद है कि मुहूर्त का पहला शॉट आप पर ही लिया जाए।”
सुबह जल्दी उठने और शॉट देने की बात सुनकर राज साहब थोड़े हिचकिचाए, तो बोकाड़िया साहब ने तुरंत माहौल को संभालते हुए कहा, “जब से हमने होश संभाला है, पिछले 25-30 साल से आप एक जैसे ही लग रहे हो।” यह सुनते ही राज साहब भी मुस्कुरा दिए।
केसी बोकाड़िया के इस अनसुने किस्से ने एक बार फिर साबित कर दिया कि राज कुमार जैसा ‘मूडी’ और जिंदादिल सुपरस्टार बॉलीवुड में न कभी था और न कभी होगा।
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