‘लगान’ की ‘गौरी’ ग्रैसी सिंह का बदल गया अंदाज, चुनी धर्म की राह, बनीं ब्रम्हकुमारी, सादगी से गुजार रहीं जिंदगी

‘लगान’ की ‘गौरी’ ग्रैसी सिंह का बदल गया अंदाज, चुनी धर्म की राह, बनीं ब्रम्हकुमारी, सादगी से गुजार रहीं जिंदगी

आमिर खान की सुपरहिट फिल्म ‘लगान’ ने अपने 25 साल पूरे कर लए हैं। फिल्म की पूरी कास्ट ने मिलकर इस खास दिन को सेलिब्रेट किया है। इस दौरान फिल्म से जुड़े वो सितारे भी नजर आए जो अब लाइमलाइट से दूर अलग दुनिया बसा चुके हैं। हम बात कर रहे हैं ‘लगान की गौरी’ की, जो अब बड़े पर्दे से दूर हो गई हैं। एक्ट्रेस ग्रेसी सिंह ने ‘लगान’ में गौरी का रोल निभाया था। एक्ट्रेस ने अब धर्म का रास्ता चुन लिया है और अब चकाचौंध से पूरी तरह दूर सादगी भरी जिंदगी जीती हैं। हाल ही में जब ग्रेसी ‘लगान’ के 25 साल के सेलिब्रेशन में शामिल हुईं तो लोग उन्हें देखते रह गए। कई लोगों को वो पहचान में नहीं आई तो कुछ को उनका अंदाज और लुक पूरी तरह बदला दिखा। इसके बावजूद लोग उनकी सादगी की तारीफ करते नहीं थके।

इन फिल्मों से मिली शोहरत

‘लगान’ फिल्म से सुर्खियों में आईं एक्ट्रेस ग्रेसी सिंह ने ‘मुन्ना भाई M.B.B.S.’ जैसी फिल्म में भी काम किया, जिसमें संजय दत्त संग उनकी जोड़ी खूब जमी। फिल्म में उनका किरदार डॉक्टर का था। वह अजय देवगन के साथ ‘गंगाजल’ में भी काफी पसंद की गईं। इसके बाद उन्होंने चंद और फिल्में भी कीं, लेकिन उनका एक भी रोल इस कदर यादगार नहीं बन पाया। एक्ट्रेस ने इसके बाद आध्यात्मिकता और टीवी का रुख किया। टीवी पर काम करते हुए उन्होंने बॉलीवुड से दूरी बना ली। ग्रेसी सिंह बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्रियों में शुमार रहीं, ‘लगान’ में अपनी भूमिका के बाद वे घर-घर में पहचानी जाने लगीं और उन्होंने आमिर खान, अजय देवगन, संजय दत्त और अमिताभ बच्चन जैसे अभिनेताओं के साथ काम किया।

डांसर के तौर पर की थी करियर की शुरुआत

आमिर खान और ग्रेसी सिंह की फिल्म ‘लगान’ को 2001 में ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया था, लेकिन इसके बाद भी उनके हिस्से सीमित काम आया। ग्रेसी ने अपने करियर की शुरुआत एक क्लासिकल डांसर के तौर पर की थी और वे ‘द प्लैनेट्स’ डांस ग्रुप के साथ टूर किया करती थीं। उन्होंने 1997 में टेलीविजन सीरियल ‘अमानत’ से एक्टिंग की दुनिया में पहली बार कदम रखे। इसके बाद ‘लगान’ में ग्रेसी ने अपनी सादगी और मासूमियत से लोगों का दिल जीत लिया। यह फिल्म बहुत बड़ी हिट रही और ‘मदर इंडिया’ व ‘सलाम बॉम्बे’ के बाद एकेडमी अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म’ कैटेगरी में नॉमिनेट होने वाली तीसरी इंडियन फिल्म बन गई थी।

ये फिल्में नहीं हासिल कर पाईं सफलता

ग्रेसी ने ‘अरमान’ फिल्म में अनिल कपूर और अमिताभ बच्चन के साथ काम किया। यह फिल्म फ्लॉप साबित हुई। इसके बाद उन्होंने ‘चंचल’, ‘देशद्रोही’ और ‘देख भाई देख’ जैसी फिल्में भी फैंस को प्रभावित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुईं। बॉलीवुड में लगातार फ्लॉप फिल्मों की झड़ी के बाद ग्रेसी ने तमिल, तेलुगु, मलयालम, गुजराती, पंजाबी और बंगाली फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया, लेकिन वहां भी वो खासा कमाल नहीं कर पाईं, जब वहां भी उन्हें सफलता नहीं मिली तो उन्होंने एक्टिंग से दूरी बनाने का फैसला कर लिया।

ग्रेसी ने चुनी अलग राह

कई दूसरे एक्टर्स के उलट ग्रेसी ने खुलकर कहा है कि एक्टिंग कभी भी उनकी जिंदगी का मुख्य मकसद नहीं था और न ही उन्होंने कभी बॉलीवुड का बड़ा स्टार बनने का सपना देखा था। 2015 में उन्होंने ‘संतोषी मां’ सीरियल से टेलीविजन पर उन्होंने वापसी की, जिसमें उन्होंने देवी संतोषी का मुख्य किरदार निभाया और नई पीढ़ी के दर्शकों का दिल जीता। समय के साथ ग्रेसी आध्यात्मिक संस्था ब्रह्माकुमारी से गहराई से जुड़ गईं और उन्होंने अक्सर एक्टिंग और शोहरत से परे संतुष्टि पाने के बारे में बात की है। अब वो एक्टिंग से लंबे वक्त से दूर हैं और पूरी तरह सादगी और धर्म से जुड़ कर जीवन बिता रही हैं। ग्रैंसी सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और वहां भी बह्मकुमारी संस्था से जुड़े पोस्ट डालती हैं।

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