digital products downloads

35 साल पहले TV पर छाया मास्टरपीस, मिली 8.9 रेटिंग, 13 एपिसोड में दिखी मुल्ला की कहानी

35 साल पहले TV पर छाया मास्टरपीस, मिली 8.9 रेटिंग, 13 एपिसोड में दिखी मुल्ला की कहानी

90 के दशक का भारतीय टेलीविजन केवल मनोरंजन का साधन नहीं था, बल्कि वह एक ऐसा दौर था जब छोटे पर्दे पर साहित्य, संस्कृति और सामाजिक विसंगतियों को बेहद संजीदगी के साथ पेश किया जाता था। आज के शोर-शराबे वाले टीवी धारावाहिकों और ओटीटी के दौर में जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो एक ऐसा शो याद आता है जिसने ठीक 35 साल पहले अपनी सादगी और बुद्धिमानी से हर भारतीय घर में दस्तक दी थी। हम बात कर रहे हैं साल 1990 में प्रसारित हुए मशहूर धारावाहिक ‘मुल्ला नसरुद्दीन’ की।

लोक कथाओं का चित्रण

मुल्ला नसरुद्दीन का किरदार कोई काल्पनिक रचना मात्र नहीं है, बल्कि उनकी कहानियां तुर्की से लेकर चीन तक की लोक कथाओं में रची-बसी हैं। वे एक ऐसे दार्शनिक और बिद्धिमान शख्स के रूप में जाने जाते हैं, जो अपनी हाजिरजवाबी और तर्कशक्ति से बड़ी से बड़ी समस्या का हल चुटकियों में निकाल लेते थे। साल 1990 में जब दूरदर्शन पर इस शो की शुरुआत हुई तो इसने कॉमेडी की परिभाषा ही बदल दी। यह शो केवल हंसाने के लिए नहीं था, बल्कि हर कहानी के अंत में समाज के लिए एक गहरा संदेश छिपा होता था। इस शो को IMDb पर 8.9 की रेटिंग मिली है, जिससे जाहिर है कि ये शो कितना शानदार था।

सादगी भरा अभिनय 

आज की पीढ़ी भले ही रघुबीर यादव को ‘पंचायत’ वेब सीरीज के ‘प्रधान जी’ के रूप में जानती हो, लेकिन तीन दशक पहले उन्होंने मुल्ला नसरुद्दीन के किरदार में जो जान फूंकी थी, वह आज भी अभिनय की एक मिसाल है। रघुबीर यादव ने इस किरदार को इतनी सहजता से निभाया कि दर्शक उनमें असली नसरुद्दीन की छवि देखने लगे थे। उनकी चाल-ढाल, बात करने का लहजा और आंखों की चमक दर्शकों को एक अलग ही दुनिया में ले जाती थी। 8.9 की शानदार IMDb रेटिंग इस बात का प्रमाण है कि यह शो अपनी गुणवत्ता के मामले में आज के दौर के बड़े-बड़े शो को मात देता है।

व्यंग्य के जरिए समाज पर कटाक्ष

इस शो की सबसे बड़ी विशेषता इसके व्यंग्य थे। मुल्ला नसरुद्दीन के जरिए समाज की कुरीतियों, सत्ता के अहंकार और मानवीय स्वभाव की मूर्खताओं पर हल्के-फुल्के अंदाज में चोट की जाती थी। यह शो सिखाता था कि विपरीत परिस्थितियों में भी मुस्कुराहट और सूझबूझ को कैसे बनाए रखा जाए। नसरुद्दीन अक्सर अपनी हरकतों से खुद को मूर्ख दिखाते थे, लेकिन अंत में उनकी वही ‘मूर्खता’ सामने वाले के अहंकार को चकनाचूर कर देती थी। आज जब हम पुराने क्लासिक्स को याद करते हैं तो खुशी की बात यह है कि मुल्ला नसरुद्दीन के ये 13 एपिसोड आज भी ‘प्रसार भारती’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं। यह शो हमें याद दिलाता है कि कॉमेडी का अर्थ केवल फूहड़ता नहीं, बल्कि बौद्धिक गहराई भी हो सकती है। 90 के दशक का यह अनमोल रत्न आज भी प्रासंगिक है और हमें जीवन को एक नए नजरिए से देखने की प्रेरणा देता है।

शो में नजर आए ये एक्टर्स

‘मुल्ला नसरुद्दीन’ की सफलता के पीछे केवल कलाकार ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन तकनीकी टीम का भी हाथ था। इस धारावाहिक का निर्देशन अमल अल्लाना ने किया था, जिन्होंने हर एपिसोड को एक पेंटिंग की तरह तराशा था। संगीत की दुनिया के दिग्गज लुई बैंक्स ने इसका बैकग्राउंड स्कोर तैयार किया था, जो कहानी के माहौल को और भी जादुई बना देता था। स्क्रिप्ट लेखन का जिम्मा एसएम मेहदी के कंधों पर था, जिन्होंने लोक कथाओं को भारतीय परिवेश में बड़े ही सुचारू ढंग से ढाला था। अभिनय के मोर्चे पर रघुबीर यादव के साथ-साथ सौरभ शुक्ला, मनोहर सिंह और युसुफ हुसैन जैसे मंझे हुए कलाकारों ने इस शो को ऊंचाइयों तक पहुंचाया। दिलचस्प बात यह है कि इस मास्टरपीस शो के केवल 13 एपिसोड ही बने थे, लेकिन इन चंद कड़ियों ने ही भारतीय टीवी इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ दी।

ये भी पढ़ें: खूबसूरती से महफिल लूटने वाली हसीना, फिर ग्लैमर से फेरा मुंह, सब छोड़कर बनी बौद्ध भिक्षु, चुनी संन्यास की राह

Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt

This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited

Source link

Doonited Donation and Advertisement

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uttarakhand News Doonited
Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial
Instagram
WhatsApp