
भारतीय सिनेमा और राजनीति का रिश्ता हमेशा से गहरा रहा है, लेकिन वर्तमान में तमिलनाडु की धरती से जो खबरें आ रही हैं, उन्होंने पूरे देश के राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है। फिल्मी पर्दे पर एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर देने वाले और बॉक्स ऑफिस के निर्विवाद ‘किंग’ कहे जाने वाले थलपति विजय अब वास्तविक जीवन के ‘जन नायक’ बनकर उभर रहे हैं। उनकी नवगठित पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने चुनावी रुझानों में जो बढ़त बनाई है, उसने स्थापित राजनीतिक दिग्गजों की नींद उड़ा दी है।
बॉक्स ऑफिस का वो गणित, जिसे कोई न समझ पाया
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का पूरा ढांचा बदल गया है। जहाँ 100 करोड़ का क्लब कभी सफलता का पैमाना था, वहीं आज 500 करोड़ के बजट वाली फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर रही हैं। इस दौर में रजनीकांत, अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान और प्रभास जैसे महासितारों के बीच एक ऐसा अभिनेता रहा है जिसका सिक्का कभी फीका नहीं पड़ा, वह हैं थलपति विजय।
बड़े-बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ चुके हैं विजय
विजय का ट्रैक रिकॉर्ड ऐसा है कि शाहरुख की ‘पठान’ या प्रभास की ‘कल्कि’ के दौर में भी उनकी बादशाहत कायम रही। पिछले दस सालों में विजय ने एक भी ऐसी फिल्म नहीं दी जिसने बॉक्स ऑफिस पर तहलका न मचाया हो। 2017 से अब तक उनकी आठों फिल्मों ने न केवल 200 करोड़ का आंकड़ा पार किया, बल्कि ‘लियो’ (600 करोड़) और ‘GOAT’ (457 करोड़) जैसी फिल्मों से उन्होंने साबित कर दिया कि उनका फैन बेस किसी भी अन्य सुपरस्टार से कहीं अधिक वफादार है। यहाँ तक कि ‘बीस्ट’ जैसी फिल्म, जिसे समीक्षकों ने नकार दिया था, उसने भी 220 करोड़ का बिजनेस कर बड़े-बड़े सितारों को धूल चटा दी।
रुझानों में ‘विजय’ रथ
सिनेमा की इसी लोकप्रियता को जब विजय ने राजनीति के धरातल पर उतारा तो परिणाम चौंकाने वाले रहे। ताजा चुनावी रुझानों के अनुसार विजय की पार्टी TVK कुल 227 सीटों में से 106 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यह आंकड़ा न केवल उनके समर्थकों के लिए उत्साहजनक है, बल्कि यह संकेत दे रहा है कि तमिलनाडु की जनता अब पारंपरिक द्रविड़ राजनीति से इतर एक नए विकल्प की तलाश में है। यदि यह रुझान अंतिम नतीजों में तब्दील होते हैं तो विजय राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे खड़े होंगे।
सिनेमा को अलविदा और राजनीति को समर्पण
विजय का यह राजनीतिक सफर कोई आकस्मिक फैसला नहीं है। उन्होंने अपनी पूरी ऊर्जा जनता की सेवा में लगाने के लिए अपने चरम पर चल रहे फिल्मी करियर को दांव पर लगा दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि ‘जन नायकन’ उनकी आखिरी फिल्म होगी, जिसके बाद वह मेकअप और कैमरा छोड़कर पूरी तरह से जनता के बीच रहेंगे। उनका कहना है कि वह अब अपना सारा वक्त अपने चाहने वालों को राजनीति के माध्यम से समर्पित कर देंगे।
क्या टूटेगा दशकों पुराना रिकॉर्ड?
तमिलनाडु की राजनीति में एमजीआर और जयललिता जैसे सितारों ने मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर तय किया है, लेकिन विजय की चुनौती अलग है। वह एक ऐसे समय में राजनीति में आए हैं जब सोशल मीडिया और सूचनाओं के दौर में वोटरों को लुभाना कठिन है। बावजूद इसके उनकी पार्टी TVK का 100 से अधिक सीटों पर लीड करना यह बताता है कि उनका करिश्मा पर्दे से निकलकर लोगों के दिलों और ईवीएम तक पहुंच चुका है। विजय ने अपनी पार्टी के सिद्धांतों में विकास, रोजगार सृजन और राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने को प्राथमिकता दी है। उन्होंने युवाओं के पलायन पर चिंता जताते हुए एक ऐसा तमिलनाडु बनाने का वादा किया है जो निवेश के लिए ‘हैवन’ यानी स्वर्ग बने।
अब राजनीति के सुल्तान में बनेंगे विजय
आज जब मतगणना जारी है तो पूरा देश यह देख रहा है कि क्या बॉक्स ऑफिस का ‘शहंशाह’ अब तमिलनाडु की सत्ता का ‘सुल्तान’ बनेगा? अगर रुझान जीत में बदलते हैं तो यह भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक होगी। शाहरुख से लेकर प्रभास तक को कमाई के मामले में कड़ी टक्कर देने वाला यह सुपरस्टार अब राजनीति की पिच पर अपना सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाने की दहलीज पर खड़ा है। बता दें, विजय की पार्टी पहली बार चुनावी मैदान में हैं और पहली बार में ही सिक्कसर लगा चुकी है।
ये भी पढ़ें: क्या पिनराई विजयन ने पहले ही मान ली हार? सोशल मीडिया बायो बदलने से मची खलबली, हटाया मुख्यमंत्री का टैग
Doonited Affiliated: Syndicate News Hunt
This report has been published as part of an auto-generated syndicated wire feed. Except for the headline, the content has not been modified or edited by Doonited






