
इस वक्त भारतीय सिनेमा की सबसे शानदार सस्पेंस-थ्रिलर में से एक ‘दृश्यम’ के अगले भाग पर काम चल रहा है। ओरिजिनल मलयालम फिल्म में जहां सुपरस्टार मोहनलाल लीड रोल में हैं तो वहीं वर्जन में हिंदी में अजय देवगन। हिंदी और मलयालम दोनों ही भाषाओं की फिल्मों को लेकर दर्शकों में बज बना हुआ है। इससे पहले रिलीज हुए मलयालम और हिंदी के दोनों भागों को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। अब जल्दी ही इस फ्रेंचाइजी का तीसरा भाग दर्शकों के बीच दस्तक देने के लिए तैयार है। मोहनलाल की मलयालम फिल्म जहां 21 मई को रिलीज हो रही है तो वहीं अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ अक्टूबर में रिलीज होगी। इस बीच फिल्म के निर्माताओं कुमार मंगत पाठक और अजय पाठक ने अजय देवगन की फिल्म पर बड़ा अपडेट साझा किया है। अब तक दर्शकों के बीच यही सवाल थे कि क्या अजय देवगन की फिल्म और मोहनलाल की फिल्म की कहानी फिर एक जैसी होगी? अब फिल्म के निर्माताओं ने दर्शकों को इन सवालों का जवाब दे दिया है।
अलग होगी अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ की कहानी
दरअसल, मेकर्स मोहनलाल और अजय देवगन की फिल्मों को साथ ही लाना चाहते थे, क्योंकि मलयालम ‘दृश्यम 3’ के रिलीज होने से इस बात का खतरा था कि इसका अजय देवगन स्टरर फिल्म के बिजनेस पर असर होगा। खासतौर पर तब अगर दोनों फिल्मों की कहानी एक जैसी होगी। मगर अब मोहनलाल की फिल्म की रिलीज से पहले मेकर्स ने एक बड़ी चाल चली है और हिंदी वर्जन की कहानी में कई बड़े बदलाव किए हैं। इसकी पुष्टि खुद फिल्म के निर्मातओं ने की है और बताया कि अजय देवगन वाली दृश्यम 3, मोहनलाल की दृश्यम 3 से काफी अलग होगी।
पूरी हुई ‘दृश्यम 3’ की शूटिंग
अभिषेक पाठक और कुमार मंगत पाठक ने एएनआई से बात करते हुए बताया कि अजय देवगन स्टारर ‘दृश्यम 3’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है और अब बस फिल् में कुछ पैचवर्क का ही काम बचा है। अभिषेक पाठक ने कहा- ‘दृश्यम 3 की शूटिंग पूरी हो गई है और बस कुछ पैचवर्क ही बचा है। आप जब हिंदी फिल्म का ट्रेलर देखेंगे, तब आपको दोनों फिल्मों के बीच का अंतर पता चलेगा। दृश्यम 2 की कहानी जिस पॉइंट पर खत्म हुई थी, दृश्यम 3 की कहानी ठीक वहीं से शुरू होती है। मलयालम वर्जन की कहानी भी उसी पॉइंट से शुरू होती है। मगर मलयालम वर्जन में ज्यादा फोकस फैमिली ड्रामा पर रखा गया है। जैसा कि हमें जीतू जोसेफ ने लॉन्च के वक्त बताया था, कहानी मलयालम ऑडियंस के लिए बहुत अच्छी है और उन्हें ये पसंद आएगी। हमें भी ये काफी पसंद आई और इसीलिए हमने इस प्रोजेक्ट पर इन्वेस्ट किया है।’
हिंदी वर्जन मलयालम से अलग है
अभिषेक पाठक आगे कहते हैं- ‘हमारी हिंदी ऑडियंस का फिल्मों के मामले में टेस्ट काफी अलग है। हमने दृश्यम 2 में भी बदलाव किए थे और दर्शकों ने इसे सराहा था। अब हमने इस भाग की कहानी में भी बदलाव किए हैं और दर्शकों को ये अंतर साफ समझ आएगा। दृश्यम ऐसी फिल्म है, जिसे सीधी लाइन में नहीं रखा जा सकता है। इसकी कहानी का दारोमदार आखिरी में होने वाले खुलासे पर ही टिका होता है। जब आप दृश्यम जैसी फिल्में लिखते हैं तो आपको क्लाइमैक्स पहले ही तय करना पड़ता है। जब मैंने हिंदी वर्जन लिखा था, तब मेरे दिमाग में एक खास आइडिया था। ऐसा हो, तो क्या होगा? यही झटका अब दर्शकों को सिनेमाघरों में लगने वाला है।’
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