
तेलुगु सुपरस्टार और आंध्र प्रदेश के डिप्टी चीफ मिनिस्टर पवन कल्याण साउथ सिनेमा के बड़े स्टार्स में से एक हैं। पवन कल्याण ने अपने करियर में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं और पिछले दिनों अपनी फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ को लेकर चर्चा में रहे, जो मार्च 2026 में रिलीज हुई थी और अब वह अपने एक खुलासे को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं, जो उनके नाम से जुड़ा है। सुपरस्टार ने हाल ही में अपने उस नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी शेयर की, जिससे उन्हें उनके लाखों फैंस जानते हैं। लेकिन, कम ही लोग जानते हैं कि पवन कल्याण उनका असली नाम नहीं है। सुपरस्टार ने बताया कि उन्हें ये नाम फिल्मों या राजनीति में एंट्री करने से सालों पहले ही मिल गया था।
कैसे मिला पवन कल्याण नाम?
एएनआई से बातचीत में पवन कल्याण ने अपने नाम के पीछे की कहानी बताई और इसी के साथ अपने बर्थ नेम के बारे में भी बात की। सुपरस्टार ने बताया कि कैसे समय के सात उनका जन्म नाम बदलता गया और कैसे ‘पवन’ नाम उनके नाम के साथ जुड़ा और उनकी पहचान का अहम हिस्सा बन गया। अपने नामकरण सेरेमनी के बारे में बात करते हुए पवन कल्याण ने बताया कि उन्हें उनका असली नाम तिरुमाला देवस्थान में दिया गया था और नामकरण के दौरान उन्हें श्री कल्याण कुमार नाम मिला था।
स्कूल में बदला नाम
पवन कल्याण बताते हैं कि नामकरण समारोह के दौरान उनका नाम श्री कल्याण कुमार रखा गया था, लेकिन जब उनका स्कूल में दाखिला हुआ तो स्कूल के रिकॉर्ड से ‘श्री’ हटा दिया गया, जिसके कारण उनके नाम में थोड़ा बदलाव हुआ और वे ‘के कल्याण कुमार’ हो गए। पवन कल्याण कहते हैं- ‘मेरा नामकरण तिरुमाला देवस्थान में हुआ था, ठीक भगवान योग नरसिम्हा के मंदिर में। हालांकि, मुझे लगता है कि वो मेरा असली दिया हुआ नाम था। नामकरण समारोह के दौरान मुझे श्री कल्याण कुमार नाम दिया गया था। लेकिन, स्कूल रिकॉर्ड में श्री हटा दिया गया और मैं के. कल्याण कुमार बन गया। कल्याण कुमार मेरे परिवार का नाम है तो ये के कल्याण कुमार हो गया।’
नाम के साथ कैसे जुड़ा पवन?
इसके बाद पवन कल्याण ने अपने नाम में ‘पवन’ जुड़ने की दिलचस्प कहानी बताई। अपने मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग के दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे इंस्ट्रक्टर ने उनकी ताकत और कंट्रोल देखकर उनके और भगवान हनुमान के बीच तुलना की। अभिनेता कहते हैं- ‘मेरे फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री करने से पहले और सिनेमा जॉइन करने से पहले मेरे एक मार्शल आर्ट्स टीचर ने मेरे नाम के साथ ‘पवन’ जोड़ दिया। उन दिनों मैं खूब स्ट्रेंथ और मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग कर रहा था। मैं अपने चेस्ट पर लगभग आधा टन यानी करीब 450 किलोग्राम वजन रखकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया करता था। इस दौरान मेरी छाती पर पत्थर की सिल्लियां भी तोड़ी जाती थीं। मुझे लगता है, मेरे टीचर ने एक बार कहा था कि’तुम हनुमान जैसे हो, पवन पुत्र हनुमान’ और मुझे लगता है इसीलिए मेरे नाम के साथ पवन जोड़ दिया गया।’
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