
अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की ब्लॉकबस्टर जोड़ी एक बार फिर ‘भूत बंगला’ के जरिए सिनेमाघरों में तहलका मचा रही है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज है, खासकर इसके डरावने और रहस्यमयी विलेन ‘वधुसुर’ को लेकर। ट्रेलर के बाद से ही हर कोई यह जानना चाहता था कि मंगलपुर गांव की दुल्हनों का अपहरण करने वाला यह खौफनाक राक्षस आखिर कौन है। फिल्म रिलीज होते ही इस राज से पर्दा उठ गया है और विलेन का चेहरा देखकर दर्शक दंग रह गए हैं। फिल्म के दूसरे भाग में पता चलता है कि असल विलेन कौन हैं और इस विलेन का कनेक्शन किसी और से नहीं सीधे तौर पर अक्षय कुमार से ही जुड़ा हुआ है।
अक्षय कुमार का डबल रोल
फिल्म की कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट इसके विलेन को लेकर ही बुना गया है। आमतौर पर दर्शक उम्मीद करते हैं कि विलेन कोई बाहरी ताकत या नया चेहरा होगा, लेकिन ‘भूत बंगला’ में असली विलेन खुद अक्षय कुमार हैं। दरअसल इस फिल्म में अक्षय कुमार दोहरी भूमिका यानी डबल रोल में नजर आ रहे हैं। एक ओर वह नायक ‘अर्जुन आचार्य’ के रूप में दर्शकों को हंसाते हैं तो वहीं दूसरी ओर वह अपने बायोलॉजिकल पिता माधव के नकारात्मक किरदार में रूह कंपा देते हैं। कहानी के अनुसार माधव ही वह व्यक्ति है जो ‘वधुसुर’ की आसुरी शक्तियां हासिल कर लेता है। वह गांव में आतंक का पर्याय बन चुका है और नई-नवेली दुल्हनों की हत्या करने के पीछे उसी का हाथ है। हालांकि पर्दे पर ‘वधुसुर’ को एक एनिमेटेड और डरावने राक्षस के रूप में दिखाया गया है, लेकिन उस राक्षस की आत्मा और नियंत्रण माधव (अक्षय कुमार) के पास ही होता है।
माधव के रोल में अक्षय कुमार।
वामिका गाबी की दोहरी चुनौती और सस्पेंस
फिल्म में सिर्फ अक्षय कुमार ही नहीं, बल्कि मुख्य अभिनेत्री वामिका गाबी भी डबल रोल में अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। वह फिल्म में दो सगी बहनों का किरदार निभा रही हैं। कहानी में भावनात्मक मोड़ तब आता है जब वधुसुर एक बहन को अपना शिकार बना लेता है। इसके बाद दूसरी बहन अपनी जुड़वां बहन की मौत का बदला लेने और इस शापित महल का रहस्य सुलझाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल देती है। वामिका ने दोनों किरदारों के बीच के अंतर को बखूबी पर्दे पर उतारा है।
तब्बू और अन्य सितारों की मौजूदगी
अक्षय और वामिका के अलावा फिल्म में दिग्गज अभिनेत्री तब्बू की उपस्थिति कहानी को और भी गहरा बनाती है। वहीं, कॉमेडी की कमान परेश रावल, राजपाल यादव और असरानी जैसे मंझे हुए कलाकारों ने संभाल रखी है। यह फिल्म न केवल डराती है, बल्कि प्रियदर्शन की पुरानी फिल्मों की तरह हंसी के ठहाके लगाने पर भी मजबूर करती है। कलाकारों की यह टोली फिल्म के सस्पेंस और ड्रामा को अंत तक बनाए रखने में सफल रही है।
प्रियदर्शन-अक्षय की जोड़ी का ऐतिहासिक सफर
निर्देशक प्रियदर्शन और अक्षय कुमार लगभग 19 साल बाद किसी हॉरर-कॉमेडी फिल्म के लिए साथ आए हैं। इससे पहले साल 2007 में आई उनकी फिल्म ‘भूल भुलैया’ ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। हालांकि उनकी आखिरी साझा फिल्म ‘खट्टा मीठा’ (2010) बॉक्स ऑफिस पर औसत रही थी, लेकिन ‘भूत बंगला’ के साथ इस जोड़ी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे इस जॉनर के असली जादूगर हैं। अब जबकि फिल्म का सबसे बड़ा सस्पेंस यानी विलेन का चेहरा सामने आ गया है तो देखना यह होगा कि क्या अक्षय कुमार का यह ‘नेगेटिव अवतार’ दर्शकों को ‘भूल भुलैया’ के मंजुलिका वाले रोमांच की याद दिला पाता है या नहीं। फिलहाल, फिल्म को मिल रहे शुरुआती रुझान इसकी सफलता की ओर इशारा कर रहे हैं।
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