
80-90 के दशक में कुछ ऐसे शो आए, जिनकी छाप आज तक दर्शकों के दिलों पर जस की तस छपी हुई है। 1994 में आया धारावाहिक ‘चंद्रकांता’ भी उन गिने-चुने धारावाहिकों में से एक है, जिसे देखने के लिए दर्शक अपना हर काम छोड़कर टीवी के सामने बैठ जाते थे। सारे काम-धाम छोड़कर सबका बस एक ही काम था, ‘चंद्रकांता’ देखना। इस धारावाहिक में विनोद कपूर, शिखा स्वरूप, मामिक सिंग, अखिलेंद्र मिश्रा और कृतिका देसाई जैसे कलाकार नजर आए, जिन्होंने अपने किरदार में ऐसी जान फूंकी कि जब भी चंद्रकांता के किरदारों का जिक्र होता है, इन कलाकारों का चेहरा आंखों के सामने आ जाता है। ‘चंद्रकांता’ ने एक और एक्ट्रेस का करियर संवारा था, जिनका नाम वर्षा उसगांवकर है। वर्षा ने इस धारावाहिक में नागरानी रूमती की नकारात्मक भूमिका निभाई थी और अपने किरदार से दर्शकों के दिलों पर अलग छाप छोड़ने में सफल रहीं।
गोवा के पूर्व डिप्टी स्पीकर की बेटी हैं वर्षा उसगांवकर
वर्षा उसगांवकर गोवा के पूर्व डिप्टी स्पीकर रहे ए.के. एस उसगांवकर की बेटी हैं और आज के समय में मराठी और हिंदी सिनेमा का जाना-माना नाम बन चुकी हैं। वर्षा को आज भी ‘चंद्रकांता’ की ‘नागरानी’ के रूप में जाना जाता है। इस धारावाहिक को भले ही 32 साल हो चुके हैं, लेकिन इसमें नजर आए कलाकारों की पहचान आज भी कायम है। कई कलाकार तो इस धारावाहिक का नाम लिए जाने पर ही आंखों के सामने आ जाते हैं। चंद्रकांता से पहले वर्षा बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ में उत्तरा की भूमिका में दिखाई दी थीं। उनके पिता चाहते थे कि वह ये ऐतिहासिक सीरियल करें, लेकिन वर्षा ने इसके लिए ऑडिशन ही नही दिया।
सीरियल शुरू होने के एक साल बाद मिला ऑफर
वर्षा उसगांवकर शुरुआत में इस सीरियल का हिस्सा नहीं थीं, लेकिन उनकी किस्मत तब पलट गई जब वह अपने परिवार के साथ ‘महाभारत’ की शूटिंग देखने पहुंचीं। यहीं ‘शकुनी’ का किरदार निभा रहे गुफी पेंटल की नजर वर्षा पर पड़ी और उन्हें एक प्यारा सा रोल ऑफर हो गया। निर्माताओं को उस समय ‘उत्तरा’ के किरदार के लिए एक नए चेहरे की तलाश थी। सेट पर मौजूद गुफी पेंटल ने जैसे ही वर्षा को देखा तो उनसे पूछ बैठे कि क्या वह ये किरदार निभाना चाहेंगी? वर्षा के माता-पिता भी उनके साथ मौजूद थे, जिन्होंने तुरंत हामी भर दी और वर्षा इस सीरियल के लिए चुन ली गईं और वो भी बिना किसी स्क्रीन टेस्ट के।
वर्षा उसगांवकर
कथक डांस से हुई एंट्री
महाभारत’ में वर्षा के किरदार उत्तरा की एंट्री गोपी कृष्णा द्वारा कोरियोग्राफ किए गए एक शानदार कथक डांस से हुई थी और पहली ही झलक से वर्षा ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना ली। इसी के साथ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दरवाजे भी वर्षा के लिए खुल गए। हालांकि, वर्षा ने अपने करियर की शुरुआत मराठी थिएटर से की थी और मशहूर अभिनेता सचिन पिलगांवकर ने उन्हें ‘गम्मत जम्मत’ से लॉन्च किया था, लेकिन ‘महाभारत’ ने उन्हें रातोंरात मशहूर कर दिया। इसके बाद वर्षा ने 1990 में जैकी श्रॉफ के साथ फिल्म ‘दूध का कर्ज’ से बॉलीवुड डेब्यू किया। फिर उन्होंने ‘तिरंगा’, ‘हनीमून’ और ‘घर आया मेरा परदेसी’ जैसी फिल्मों में काम किया और अपनी एक अलग पहचान बनाई।
रविशंकर शर्मा के बेटे अजय शंकर से रचाई है शादी
पर्सनल लाइफ की बात करें तो वर्षा उसगांवकर ने मशहूर म्यूजिक कंपोजर रविशंकर शर्मा के बेटे अजय शंकर शर्मा से शादी की है। मगर वर्षा और उनके ससुरालवालों में हमेशा अनबन रही। यही नहीं, उनके ससुर ने उनके पति को भी प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया था। कोर्ट में इसे लेकर केस भी चला। रविशंकर शर्मा ने अपने बेटे-बहू को कभी अपनी वसीयत में हिस्सा नहीं दिया और पूरी प्रॉपर्टी अपनी बेटियों के नाम कर दी थी। उनकी वसीयत के अनुसार, उनके बेटे बहू ने कभी उनका ध्यान नहीं रखा, इसलिए उन्होंने अपनी संपत्ति अपनी दोनों बेटियों के नाम कर दी।
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