
‘शार्क टैंक’ फेम जज नमिता थापर इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनके हालिया बयान ने उन्हें मुसीबत में डास दिया है। नमाज के फायदे बताने के बाद उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है, जिसके बाद उन्होंने रोते हुए सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए ऑनलाइन ट्रोलिंग, आलोचनाओं और उनके साथ हुए दुर्व्यवहार पर चुप्पी तोड़ी है। एमक्योर फार्मास्युटिकल्स की कार्यकारी निदेशक नमिता ने एक नया वीडियो जारी कर ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है और स्पष्ट किया है कि एक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर के रूप में उनका इरादा केवल वैज्ञानिक पहलुओं को साझा करना था।
ट्रोलिंग और अभद्र भाषा पर नमिता का पलटवार
नमिता थापर ने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि पिछले तीन हफ्तों से उन्हें और उनकी मां को भद्दी गालियां दी जा रही हैं। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि केवल नमाज के स्वास्थ्य लाभों पर वीडियो बनाने के कारण उन्हें अपशब्दों से संबोधित किया गया। नमिता ने सवाल उठाया कि जब वह हिंदू धर्म की परंपराओं, योग दिवस के आसनों और विशेष रूप से सूर्य नमस्कार के स्वास्थ्य लाभों पर वीडियो बनाती हैं, तब कोई कुछ नहीं कहता। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक हेल्थकेयर प्रोफेशनल के रूप में वह विभिन्न परंपराओं के वैज्ञानिक फायदों पर बात करती आई हैं।
महिला सुरक्षा का उठाया मुद्दा
नमिता ने अपने वीडियो में आर फॉर रिलिजन का अर्थ आर फॉर रिस्पेक्ट बताया। उन्होंने समाज के दोहरे मानदंडों पर प्रहार करते हुए कहा कि जब महिलाओं के खिलाफ इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग होता है तो सब चुप क्यों हो जाते हैं? उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक का उदाहरण देते हुए कहा कि उस पर तो सब बोलते हैं, लेकिन एक महिला के अपमान पर सन्नाटा क्यों है? नमिता ने जोर देकर कहा कि उन्होंने बहुत पहले ही सीख लिया था कि आपके लिए कोई और खड़ा नहीं होगा, आपको खुद अपने लिए आवाज उठानी होगी।
हिंदू होने पर क्या बोलीं नमिता
ट्रोलर्स को चेतावनी देते हुए नमिता ने कहा कि वे अपना काम जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि हिंदू धर्म में ‘कर्म’ का सिद्धांत सर्वोपरि है। उन्होंने खुद को एक गर्वित हिंदू बताया और कहा कि भगवान सब देख रहा है। उन्होंने शिक्षित और समझदार हिंदुओं से अपील की कि जिस तरह उनके पुराने वीडियो गलत वजहों से वायरल हुए, उसी तरह इस स्पष्टीकरण वाले वीडियो को भी वायरल करें ताकि सच्चाई लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने सुबह 7 बजे सफर के दौरान यह वीडियो रिकॉर्ड किया ताकि यह संदेश दिया जा सके कि चुप रहना कोई गुण नहीं है।
नमाज वाले वीडियो पर क्यों मचा था बवाल?
विवाद की जड़ नमिता का वह पुराना वीडियो था जिसमें उन्होंने नमाज़ के शारीरिक फायदों के बारे में बताया था। उन्होंने इसे पूरे शरीर के लिए एक बेहतरीन व्यायाम बताया था, जो लचीलेपन में सुधार करता है और जोड़ों व घुटनों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। उन्होंने यह भी कहा था कि नमाज़ के दौरान किया जाने वाला वज्रासन पाचन में सहायक होता है और इसकी ध्यान मुद्रा मानसिक शांति प्रदान करती है। हालांकि, सोशल मीडिया के एक वर्ग ने इसे धार्मिक चश्मे से देखा और उद्यमी की कड़ी आलोचना शुरू कर दी। नमिता ने अंत में जय हिंद के साथ अपनी बात समाप्त की और इसे मानवता और देशभक्ति का तकाजा बताया।
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