
फिल्मी दुनिया में कुछ ही ऐसे कलाकार हैं, जिन्हें उनके चेहरे से ज्यादा अभिनय के लिए पसंद किया जाता है और मनोज बाजपेयी इन्हीं कलाकारों में से हैं। मनोज बाजपेयी अपने अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अपना सिक्का जमा चुके हैं और आज के समय में फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन कलाकारों में गिने जाते हैं। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए बिलकुल भी आसान नहीं था। एक समय था जब न तो उन्हें काम मिल रहा था और न ही पर्सनल लाइफ में सब ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे करके मनोज बाजपेयी ने अपने आपको साबित किया और आज मनोरंजन जगत के सबसे शानदार अभिनेताओं में उनकी गिनती होती है। आज मनोज बाजपेयी 56वां जन्मदिन मना रहे हैं, इस मौके पर आपको उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से बताते हैं।
बिहार से बॉलीवुड तक का सफर
मनोज बाजपेयी का जन्म 23 अप्रैल 1969 को बिहार के पश्चिम चंपारण के बेलवा गांव में हुआ था। बचपन से ही मनोज बाजपेयी एक्टर बनने का सपना देखते आए थे। 17 की उम्र में बाजपयी दिल्ली शिफ्ट हो गये और कॉलेज के दिनों में ही थिएटर ज्वॉइन कर लिया। मगर मनोज बाजपेयी के माता-पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे और इसलिए उन्हें एमबीबीएस का एग्जाम देने के लिए मजबूर कर दिया, लेकिन मनोज बाजपेयी इसमें फेल हो गए। उन्होंने इंडिया टीवी के चर्चित शो आप की अदालत में इसका जिक्र किया था। उन्होंने बताया कि वह जानबूझकर एमबीबीएस के एग्जाम में गलत जवाब देकर फेल हुए थे। मनोज बाजपेयी के अनुसार, वह अपना चेहरा छिपाते थे और जो भी ऑप्शन आता था उस पर निशान लगा देते थे।
एनएसडी में चार बार हुए थे रिजेक्ट
मनोज बाजपेयी हमेशा से ही एक्टर बनना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने एनएसडी (नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा) में एडमिशन लेने के लिए उन्हें खूब मेहनत की। बावजूद इसके उन्हें एडमिशन नहीं मिल पा रहा था। वह एनएसडी से चार बार रिजेक्ट हुए, जिसके चलते वह डिप्रेशन में चले गए थे। उन्हें इससे इतना गहरा सदमा लगा कि उन्होंने अपनी जान देने तक की कोशिश की थी, लेकिन फिर उनके दोस्त ने उन्हें समझाया और हमेशा उनके साथ खड़ा रहा।
असिस्टेंट डायरेक्टर ने फाड़ दी थी फोटो
एक इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी ने बताया कि शुरुआत में वह अपने पांच दोस्तों के साथ एक चॉल में रहते थे। वह काम की तलाश में थे, लेकिन कोई रोल नहीं मिला। एक असिस्टेंट डायरेक्टर ने तो एक बार उनकी तस्वीर फाड़ दी थी, वहीं एक दिन ऐसा भी था जब उन्होंने एक ही दिन में तीन प्रोजेक्टस खोए थे। मनोज बाजपेयी के अनुसार, वह एक आइडल हीरो की तरह नहीं दिखते थे, जिसके चलते उन्हें भी लगने लगा था कि वह कभी हीरो नहीं बन पाएंगी। लेकिन, उन्होंने कभी अपनी जिद नहीं छोड़ी।
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