
मनोरंजन जगत की उभरती हुई अभिनेत्री अनीता पाड्डा इन दिनों एक गहरे व्यक्तिगत शोक से गुजर रही हैं। फिल्म ‘सैयारा’ (Saiyaara) के जरिए रातों-रात दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाली इस अभिनेत्री ने हाल ही में अपने दादाजी को खो दिया है। अनीता के लिए यह क्षति केवल एक पारिवारिक सदस्य का जाना नहीं है, बल्कि उस ‘सच्चे प्यार’ को खोना है जिसने उनके जीवन को संवारा था। अपने दादाजी के निधन की जानकारी साझा करते हुए अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट लिखा है, जिसे पढ़कर उनके प्रशंसकों की आँखें भी नम हो गई हैं।
दादाजी के नाम एक भावुक विदाई पत्र
मंगलवार को अनीता ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक करने वाली तस्वीर साझा की, जिसमें वे अपने दादाजी का हाथ थामे नजर आ रही हैं। इस तस्वीर के साथ उन्होंने अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोते हुए लिखा, ‘मेरे जीवन का इकलौता प्यार…आप हमसे दूर जा रहे थे, लेकिन आप माखन को नहीं भूले। आपने प्यार को थामे रखा, तब भी जब आप अपनी यादों को थामे नहीं रख पा रहे थे। मैं इन दोनों को थामे रखूंगी। मैं हमारे साथ बिताए सभी सालों को अपने साथ रखूंगा। मैं एक अच्छी इंसान बनूंगा। मैं तुम्हारे चुटकुलों को अपने साथ रखूंगा और जब भी मौका मिलेगा, उन्हें दोहराऊंगा। मैं तुम्हारी दयालुता और तुम्हारी रोशनी को हर अंधेरे कमरे में ले जाऊंगी। मैं तुम्हारी कहानियों को अपने साथ रखूंगा और उन्हें पूरी दुनिया को सुनाऊंगी। मैं तुम्हारे प्यार को अपने साथ रखूंगी, आपने ही मुझे सबसे प्योर, सबसे बिना शर्त वाला प्यार सिखाया है। मैं तुम्हें अपने साथ रखूंगी। आज मैंने आसमान में सबसे चमकीला तारा देखा और मुझे पता चल गया कि आप कहां चले गए हो। मैं आपसे प्यार करती हूं। मैं आपसे प्यार करती हूं। दादू। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं। हमेशा समय की सीमाओं से भी परे।’
‘सैयारा’ और असल जिंदगी का गहरा जुड़ाव
अनीता पाड्डा के लिए उनके दादाजी का जाना इसलिए भी अधिक पीड़ादायक है क्योंकि उनकी पहली फिल्म ‘सैयारा’ का उनकी असल जिंदगी से एक खास कनेक्शन था। फिल्म में उन्होंने एक ऐसी मरीज का किरदार निभाया था जो अल्जाइमर बीमारी से जूझ रही है। पिछले साल एक इंटरव्यू के दौरान अभिनेत्री ने खुलासा किया था कि उनके दादाजी असल जिंदगी में भी इसी बीमारी से लड़ रहे थे। उन्होंने बताया था कि उनके दादाजी एक ऐसे दौर में थे जहाँ वे अधिकांश बातें भूल चुके थे, यहां तक कि उन्हें अनीता का नाम भी याद नहीं रहता था। लेकिन अभिनेत्री का मानना था कि दिमाग भले ही भूल जाए, पर दिल कभी नहीं भूलता। अल्जाइमर के बावजूद उनके दादाजी उन्हें ‘हीरापुत’ या ‘मखन’ कहकर बुलाते थे, जो उनके बीच के अटूट भावनात्मक रिश्ते का प्रमाण था। यही कारण था कि फिल्म ‘सैयारा’ उनके लिए महज एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा थी।
भविष्य की राह और करियर
अनीता पाड्डा मनोरंजन जगत में पिछले कुछ समय से सक्रिय थीं, लेकिन ‘सैयारा’ की सफलता ने उन्हें नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। आने वाले समय में वे एक बार फिर ‘सैयारा’ की अपनी टीम और सह-कलाकार अहान पांडे के साथ स्क्रीन साझा करती नजर आएंगी। वे मोहित सूरी के निर्देशन में बन रही यशराज फिल्म्स की एक इंटेंस रोमांस फिल्म का हिस्सा हैं। निजी जीवन में इतने बड़े दुख के बावजूद अनीता के प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि वे अपने दादाजी की दी हुई सीख और हिम्मत के साथ जल्द ही काम पर वापसी करेंगी।
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