
पवन कल्याण की फिल्म ‘उस्ताद भगत सिंह’ को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। निर्देशक हरीश शंकर की यह फिल्म 2016 की तमिल हिट ‘तेरी’ का आधिकारिक रूपांतरण है। ये फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। बॉक्स ऑफिस पर इसे आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ से कड़ी टक्कर मिली और फिल्म को समीक्षकों से भी कुछ खास सराहना नहीं मिली। 150 करोड़ में बनी फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 95 करोड़ रुपये का कारोबार ही किया और मुंह की खाई। अब यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आ गई है। ये फिल्म ओटीटी पर आते ही टॉप 6 में ट्रेंड कर रही है।
नेटफ्लिक्स पर दस्तक और ओटीटी रिलीज
‘उस्ताद भगत सिंह’ नेटफ्लिक्स पर दस्तक दे चुकी है, लेकिन यहां भी इसे दर्शकों की नाराजगी और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। नेटफ्लिक्स इंडिया ने बुधवार शाम को आधिकारिक घोषणा की कि ‘उस्ताद भगत सिंह’ 16 अप्रैल से उनके प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। फिल्म को तेलुगु के साथ-साथ हिंदी, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी रिलीज किया गया है। नेटफ्लिक्स ने एक नया ट्रेलर जारी करते हुए दर्शकों को इसे पावर महसूस करने के लिए आमंत्रित किया। गुरुवार को उगादि के मौके पर भी फिल्म का नया पोस्टर साझा किया गया, जिसमें इसे एक बड़े मनोरंजन के रूप में पेश किया गया। हालांकि स्ट्रीमिंग शुरू होते ही फिल्म के प्रति प्रशंसकों का गुस्सा फूट पड़ा।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हुई फिल्म
जैसे ही ‘उस्ताद भगत सिंह’ ओटीटी पर आई एक्स और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर व्यंग्यात्मक टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। कई प्रशंसकों ने फिल्म की गुणवत्ता को लेकर तीखा कटाक्ष किया। एक यूजर ने तंज कसते हुए इसे ‘ऑस्कर नॉमिनी’ और ‘1 बिलियन डॉलर कमाने वाली फिल्म’ बताया, जबकि दूसरे ने लिखा कि वह पवन कल्याण की फ्लॉप फिल्म ‘अज्ञातवासी’ को चार बार देख सकता है, लेकिन ‘उस्ताद’ को दोबारा देखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। कुछ लोगों ने चेतावनी भरे अंदाज में लिखा कि फिल्म तो आ गई है, लेकिन इसे देखने वाला कोई नहीं है।
नेटफ्लिक्स के ट्रेलर की तारीफ, मेकर्स की खिंचाई
दिलचस्प बात यह है कि जहाँ फिल्म की आलोचना हो रही है, वहीं नेटफ्लिक्स द्वारा काटे गए नए ट्रेलर की सराहना की जा रही है। प्रशंसकों ने प्रोडक्शन हाउस मैत्री मूवी मेकर्स’और निर्देशक हरीश शंकर को निशाने पर लेते हुए कहा कि नेटफ्लिक्स का ट्रेलर संपादन फिल्म के मूल ट्रेलर से कहीं बेहतर और ऊर्जावान है। कुछ लोगों ने तो यहाँ तक सुझाव दे दिया कि नेटफ्लिक्स को पूरी फिल्म ही दोबारा एडिट कर देनी चाहिए ताकि कम से कम परिवार के लोग इसे देख सकें।
फिल्म का लंबा सफर और चुनौतियां
‘उस्ताद भगत सिंह’ की यात्रा काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। साल 2021 में इसे ‘भवदीयुडु भगत सिंह’ के नाम से घोषित किया गया था। यह 2012 की ब्लॉकबस्टर ‘गब्बर सिंह’ के बाद हरीश शंकर और पवन कल्याण की दूसरी फिल्म थी, जिससे उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं। कई देरी और नाम बदलने के बाद 2023 में इसकी शूटिंग शुरू हुई और 2025 में पूरी हुई। पवन कल्याण के आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बनने और राजनीति में सक्रिय होने से पहले साइन की गई यह आखिरी फिल्मों में से एक थी। वर्तमान प्रतिक्रियाओं को देखकर लगता है कि ‘गब्बर सिंह’ जैसा जादू दोबारा चलाने में यह जोड़ी इस बार असफल रही है।
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